सलमान रुश्दी की किताब जयपुर साहित्य सम्मेलन शुरू होने से पहले फिर विवादों में है। एक मुस्लिम संगठन ने चेतावनी दी है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले लेखकों को आमंत्रित न किया जाए। इन लेखकों में वह चार लेखक भी शामिल हैं, जिन्होंने पिछले साल सलमान रुश्दी की प्रतिबंधित किताब ‘सैटेनिक वर्सेज’ के विवादित अंश पढ़े थे।
मुस्लिम संगठन अजिमूशान अजमत-ए-नामूस-ए-रसूल के रविवार को हुए सम्मेलन के बाद यह फैसला लिया गया। संगठन से जुड़े एक मुस्लिम विद्वान मुजाहिद नकवी ने कहा कि हमारे समुदाय की भावनाओं को चोट पहुंचाने वाले कोई भी लेखक अगर जयपुर साहित्य सम्मेलन में हिस्सा लेगा, तो हम उसका कड़ा विरोध करेंगे।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में भाग लेने वाले लेखकों में जीत थ्याल, रुचिर, हरि कुंजरू और अमिताव कुमार भी शामिल हैं। इन चारों ने रुश्दी की प्रतिबंधित किताब के अंश पढ़े थे। हम इन चारों का विरोध करते हैं। पांच दिनों तक चलने वाला साहित्य सम्मेलन 24 जनवरी से शुरू होगा। पिछले साल मुस्लिम संगठनों के विरोध के चलते सलमान रुश्दी को अंतिम समय में अपनी भारत यात्रा को रद्द करना पड़ा था।