लोकसभा चुनाव सिर पर हैं, ऐसे में सियासी गलियारों में अपनी जमीन मजबूत करने और दूसरों की हिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। विरोधियों पर हमला बोलने के लिए हर मुमकिन हथियार इस्तेमाल किया जा रहा है।
हर राजनीतिक दल में कुछ नेता ऐसे हैं, जिनके आपत्तिजनक बयान न केवल सुर्खियां बनते हैं, बल्कि कई बार अपने ही राजनीतिक दल के लिए मुसीबत बन जाते हैं। ऐसा इन दिनों कांग्रेस और उसकी अगुवाई वाली यूपीए सरकार के साथ हो रहा है।
गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे का मीडिया पर हमले से जुड़ा बयान अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि दूसरे केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। खास बात यह है कि खुर्शीद का हमला भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी की तरफ था, लेकिन वह ऐसा करते वक्त शब्दों का संयम खो बैठे।
दंगों के मामले में किया हमला
केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने मंगलवार को नरेंद्र मोदी के लिए ऐसा शब्द इस्तेमाल कर दिया, जिस पर भाजपा को जोरदार हमला करना ही था और ठीक वैसा ही हुआ।
विदेश मंत्री खुर्शीद ने अपने लोकसभा क्षेत्र फर्रुखाबाद में एक रैली के दौरान भाजपा के पीएम पद के दावेदार को निशाने पर लिया। वह गुजरात के मुख्यमंत्री के 2002 के बाद गोधरा दंगों के वक्त स्थिति संभालने को लेकर बोल रहे थे।
खुर्शीद के साथ यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी वह मोदी के बारे में आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं। उन्होंने एक बार मोदी को ऐसा मेंढक बताया था, जो कुएं से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है।
खुर्शीद ने मोदी को कहा नपुंसक
खुर्शीद ने मोदी पर यह हमला इशारों-इशारों में किया, लेकिन निशाना साफ था। उन्होंने मोदी का नाम लिए बिना कहा कि जो शख्स देश का प्रधानमंत्री बनना चाहता है, उसने 2002 के दंगों के दौरान क्यों कुछ नहीं किया?
कांग्रेसी नेता ने कहा, "कुछ लोग आए, हमला किया और चले गए। और आप कुछ नहीं कर सके। क्या आप मजबूत आदमी नहीं हो?" खुर्शीद का हमला यहीं नहीं रुका। उन्होंने इसके आगे आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल किए।
उन्होंने कहा, "आपको (मोदी) लोगों का मारने का गुनाहगार क्यों न माना जाए...हमारा आरोप है कि तुम नपुंसक हो। आप हत्यारों को नहीं रोक सके।" जाहिर है, यह बयान आते ही भाजपा आक्रामक हो गई।
भाजपा का पलटवार
नरेंद्र मोदी के करीबी सहयोगी और गुजरात के मंत्री जय नारायण व्यास ने कहा कि खुर्शीद के 'अमर्यादित शब्द' लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेसी नेताओं की 'झल्लाहट' दिखा रहे हैं।
व्यास ने कहा, "इन लोगों में इतनी झल्लाहट दिख रही है कि ये अपने दिमाग और जुबान, दोनों पर काबू खो चुके हैं।" व्यास गुजरात सरकार के प्रवक्ता भी हैं। उन्होंने मोदी को कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर के चायवाला कहने वाली बात का जिक्र भी किया।
भाजना नेता सुधांशु मित्तल ने कहा कि उन्हें एक ऐसे नेता की तरफ से इस तरह के बयान आने से दुख पहुंचा है, जो खुद को पढ़ा-लिखा कहते हैं। चुनाव करीब आते-आते नेताओं की जुबान पर लगाम लगने की उम्मीद भी कम है।
भाजपा बोली, तमीज भूल गई कांग्रेस
भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस के नेता हार से इस कदर बौखला गए हैं कि वे तहजीब और तमीज, दोनों भूल गए हैं। उन्होंने कहा, "सलमान खुर्शीद विदेश से पढ़कर आए हैं, लेकिन भारतीय तहजीब नहीं जानते। वो और कांग्रेस विदेशी मूल्यों को ज्यादा तरजीह देती है।"
पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर का कहना था कि इस बयान पर क्या कहा जाए, इसकी भर्त्सना पूरा मीडिया कर रहा है। उन्होंने कहा, "इसे अभद्र से ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। हम जानने चाहेंगे कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी इस पर क्या कहते हैं?"
उन्होंने कहा, "यही कांग्रेस की संस्कृति है। लेकिन वो ये भूल रहे हैं कि जब सवाल का जवाब नहीं होता, तो गाली दी जाती है। और नुकसान उसका नहीं होता, जिसे गाली दी जाती है। गाली देने वाला का नुकसान होता है, जो हारने वाले की मानसिकता दिखाती है।"
विवादित बयान पर कायम सलमान
नरेंद्र मोदी को नपुंसक कहने के बाद उठे राजनीतिक बवाल के बाद सलमान खुर्शीद ने कहा है कि वह अपने बयान पर अब भी कायम हैं। भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद सलमान ने अपने बयान पर माफी मांगने से भी इंकार कर दिया है।
ख़ुर्शीद का कहना है कि हिन्दी में राजनीतिक भाषा में नपुंसक का प्रयोग ऐसे आदमी के लिए होता है जो वो काम करने में असमर्थ या अक्षम रहा जिसे करने की उससे उम्मीद की जाती है।
ख़ुर्शीद ने कहा, 'मोदी ख़ुद इसका निर्णय करें कि जो हुआ वो उनकी मर्जी से हुआ या वो उसे रोकने में विफल रहे। अगर सक्षम नहीं थे तो राजनीतिक हस्तक्षेप करने के मामले में नपुंसक रहे।'