गैंगस्टर और 1993 मुंबई बम ब्लास्ट के आरोपी अबू सलेम को तालोजा जेल में गोली मारे जाने की घटना के एक दिन बाद शुक्रवार को एक जेलर और तीन कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है।
इधर सलेम की वकील सबा कुरैशी उसके प्रत्यर्पण के लिए पुर्तगाली प्रशासन से संपर्क करने की योजना बना रही हैं।
महाराष्ट्र के राज्य मंत्री आरआर पाटिल ने मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है। अतिरिक्त महानिदेशक (जेल) मीरान बोरवांकर को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
सलेम पर हमला करने वाले देवेंद्र जगताप उर्फ जेडी के खिलाफ भी हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है।
लापरवाही के चलते जिन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है, उनमें जेलर संजय सबले और कांस्टेबल चंद्रकांत पठारे, नितिन सावंत और गितेश रंधीव शामिल हैं। ये सभी उच्च सुरक्षा वाली जेल के गेट पर ड्यूटी पर तैनात थे।
अबू सलेम को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2005 में पुर्तगाल से भारत लाया गया था।
नवी मुंबई के पुलिस कमिश्नर एके शर्मा ने बताया, ‘सलेम पर जेल के भीतर ही देसी रिवाल्वर से दो राउंड फायर किए गए। पता चला है कि यह रिवाल्वर कुछ दिन पहले ही तस्करी के जरिए जेल में पहुंचाई गई।’
इस बीच, सलेम की वकील सबा कुरैशी ने कहा कि वे सलेम की वापसी के लिए पुर्तगाली प्रशासन से संपर्क करेंगे।
कुरैशी ने कहा, ‘प्रत्यर्पण की एक शर्त थी कि अबू सलेम को सुरक्षा दी जाएगी। इस शर्त का उल्लंघन हुआ है क्योंकि उसके ऊपर जेल के भीतर ही हमला हुआ। इसलिए हमने पुर्तगाल प्रशासन से सलेम की वापसी के लिए हस्तक्षेप की मांग करने की योजना बनायी है।’
उन्होंने कहा, ‘मैंने सलेम से मुलाकात की और उसने बताया कि उसे हमले के बारे में कोई जानकारी नहीं है।’