‘साहेब’ के लिए युवती की कथित जासूसी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
बुधवार को जहां केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इस मामले की जांच के संकेत दिए, वहीं इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग भी कूद पड़ा।
आयोग ने युवती के पिता के जांच न करने के अनुरोध को दरकिनार कर न केवल इस मामले में गुजरात सरकार को नोटिस भेजा है, बल्कि गृह मंत्री को पत्र लिखकर मामले का संज्ञान लेने का भी आग्रह किया है।
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शिंदे ने मामले की जांच कराने का संकेत देते हुए कहा कि फिलहाल मंत्रालय इस बारे में सूचनाएं जुटा रहा है। इसके बाद ही कोई फैसला किया जाएगा।
वहीं महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने इस बारे में गृह मंत्री को पत्र लिखकर संज्ञान लेने का अनुरोध करने की बात स्वीकारी। जबकि आयोग की सदस्य निर्मला सावंत ने बताया कि गुजरात के मुख्य सचिव को नोटिस जारी पूछा गया है कि क्या युवती का फोन सर्विलांस पर लगाने और जासूसी कराने के मामले में गुजरात सरकार ने नियमों का पालन किया था?
सावंत ने उस पत्र पर की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए जो कथित तौर पर युवती के पिता की ओर से लिखा गया है। उन्होंने कहा कि हमने चिट्ठी लिखकर युवती के पिता से पुष्टि करने को कहा है कि क्या वह पत्र उन्होंने ही लिखा है, जिसमें मामले की जांच नहीं करने का अनुरोध किया गया है।
कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी जुबानी जंग
इस बीच, मामले में कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी जुबानी जंग बुधवार को भी जारी रही। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और महासचिव अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाए। जबकि भाजपा ने भी इस मुद्दे पर अपने तेवर और कड़े करते हुए कांग्रेस को चेतावनी दी। पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि यदि भाजपा के लोग भी उसी स्तर पर उतरकर जवाब देने लगे तो कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी।