जहां एक ओर सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय सहारा जेल में बंद हैं, वहीं उनकी पत्नी और बेटे के मकदूनिया गणराज्य की नागरिकता लेने की खबर है।
ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या अब सुब्रत राय की पत्नी स्वप्ना रॉय और बेटे सुशांतो रॉय भारत छोड़ने की योजना बना रहे हैं।
मकदूनिया दक्षिण-पूर्वी यूरोप में बसा एक राष्ट्र है। जहां नागरिकता देकर विदेशी निवेश को प्रोत्साहन दिया जाता है।
मनीलाइफ में छपी खबर के मुताबिक स्वप्ना रॉय और सुशांतो रॉय के साथ-साथ कंपनी से जुड़े एक और बड़े अधिकारी ने मकदूनिया की नागरिकता लेने की पेशकश की है।
जेल में हैं सहारा प्रमुख
ये खबर ऐसे वक्त में आई है जब सहारा प्रमुख जेल में बंद हैं। उन पर निवेशकों का पैसा नहीं लौटाने से जुड़ा मामला चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई लगातार जारी है।
बताया जाता है कि सुब्रत रॉय सहारा के मकदूनिया राष्ट्र से अच्छे संबंध रहे हैं। सहारा प्रमुख कई बार यहां राजकीय अतिथि बनाए गए। सुब्रत रॉय ने वहां मदर टेरेसा की बड़ी प्रतिमा स्थापित करने की भी पेशकश रखी थी। साथ ही उनकी योजना वहां एक कैसिनो खोलने की भी है।
सहारा परिवार के मकदूनिया की नागरिकता लेने की खबर पर एक न्यूज वेबसाइट ने सहारा ग्रुप को ईमेल भेजकर उनकी प्रतिक्रिया लेने का दावा किया है।
निवेश पर मकदूनिया में मिलती है नागरिकता
वेबसाइट के मुताबिक, सहारा ग्रुप के एक अधिकारी की ओर से नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि यह तीन साल पुराना मुद्दा है और बहुत सारी कंपनियां और कारोबारी मकदूनिया की नागरिकता ले रहे हैं।
माना जा रहा है कि नई सरकार के काले धन पर की जा रही कार्रवाई के मद्देनजर कारोबारी इस तरह के कदम उठाने की योजना बना रहे हैं।
मकदूनिया राष्ट्र के इतिहास को देखें तो ये पहले युगोस्लाविया का हिस्सा था। 1991 में ये आजाद हो गया। 1993 में ये देश यूएन का सदस्य बना। इस देश में बेरोजगारी करीब 30 फीसदी है। ऐसे में मकदूनिया की सरकार किसी को भी नागरिकता देने के लिए तैयार है, जो वहां कम से कम 4 लाख यूरो का निवेश करे और कम से कम 10 लोगों को नौकरी दे।