डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि बुधवार को अपने पुराने प्रेम को याद करते हुए बताया कि उन्होंने अपने उसूलों के चलते उस महिला से शादी नहीं की, जिससे वह बेहद प्रेम करते थे।
एक विवाह उत्सव में 89 वर्षीय करुणानिधि ने बताया कि 1944 में मैंने उस महिला के माता-पिता के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन उन्होंने बेटी की शादी रूढ़िवादी परंपराओं के तहत कराने की इच्छा जताई, जिसे मैंने स्वीकार करने से इंकार कर दिया।
उन्होंने आगे बताया, ‘उनके माता-पिता ने साफ कह दिया कि वह सेल्फ-रेसपेक्ट स्टाइल की शादी की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने साफ कर दिया कि अगर पारंपरिक तरीके से शादी नहीं हुई, तो अपनी बेटी को शादी नहीं करने देंगे।’
करुणानिधि ने कहा कि मैंने उनकी शर्तें मानने से इंकार कर दिया और इसी वजह से मेरी उस महिला से शादी नहीं हुई, जिससे मैं प्यार करता था।
बाद में डीएमके प्रमुख ने दयालु से शादी की और उनके चार बच्चे हैं। ‘सेल्फ-रेसपेक्ट’ शादियों में मंत्रोच्चार के लिए पंडित आदि को शामिल नहीं किया जाता है।
इस तरह की परंपरा में विश्वास रखने वालों का मानना है कि इन अंधविश्वासों से दूरियां बनाकर ही समाज में जातीय भेदभाव मिटाया जा सकता है।