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बतौर सांसद फ्लाप रहे मास्टर ब्लास्टर

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दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों के बीच क्रिकेट के भगवान का दर्जा रखने वाले सचिन तेंदुलकर राज्यसभा सांसद के तौर पर अपनी भूमिका में पूरी तरह फ्लाप साबित हो रहे हैं।
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सचिन जब राज्यसभा के लिए नामित हुए तो खेल प्रेमियों को यह उम्मीद थी कि अब खेल से जुड़े मुद्दे भी संसद में गूंजेंगे।

लेकिन आवाज उठाना तो दूर, मैदान पर अपने उत्साह और शानदार रिकार्ड के लिए जाने जाने वाले सचिन इस साल अभी तक एक भी दिन संसद नहीं पहुंचे हैं।

दो साल में स‌िर्फ तीन द‌िन आए सच‌िन

क्रिकेट मैदान पर कीर्तिमानों का अंबार लगाने वाले तेंदुलकर राजनीति के क्षेत्र में बेहद खराब रिकार्ड बना रहे हैं। सचिन को राज्य सभा सदस्य के तौर पर नामित हुए दो साल से भी अधिक वक्त बीत चुका है, लेकिन इस दौरान वह महज तीन दिन ही संसद आए हैं ।

पिछले साल नवंबर में सचिन द्वारा क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले यह कहा जा रहा था कि इस खेल से रिटायरमेंट के बाद वह संसद को अपना वक्त दे पाएंगे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि उसके बाद सचिन सिर्फ एक दिन संसद आए।

दिसंबर 2013 से जुलाई 2014 के बीच संसद के तीन सत्रों में राज्य सभा की कार्यवाही 35 दिनों के लिए चली, लेकिन इन 35 दिनों में सचिन सिर्फ एक दिन के लिए राज्य सभा पहुंचे।
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राजीव शुक्ला ने उठाए सवाल

इतना ही नहीं, संसद में उपस्थित रहने के दौरान उन्होंने किसी भी चर्चा में हिस्सा नहीं लिया और खामोश रहे। ऐसे में भारत रत्न से नवाजे गए सचिन के सांसद की भूमिका पर तमाम सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

कांग्रेसी नेता राजीव शुक्ला ने कहा क‌ि यदि सचिन को संसद में आना ही नहीं था तो उन्हें चुनने का फायदा ही क्या है। मैंने सचिन से गत सप्ताह बात की थी और उन्होंने मुझसे वादा किया था कि वह संसद में आएंगे।
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