रूस ने अपने पुराने और विश्वस्त मित्र भारत को भरोसा दिलाया है कि वह उसके दुश्मनों को हथियार या अन्य सैनिक साजो-सामान नहीं देगा। भारत यात्रा पर आए रूस के उप प्रधानमंत्री दिमित्रि रोगोजिन ने द्विपक्षीय सहयोग आयोग की बैठक में विदेश मंत्री एसएम कृष्णा से व्यापक विचार विमर्श के बाद सोमवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि रूस भारत के दुश्मनों के साथ हथियारों की आपूर्ति जैसा संबंध नहीं रखता। भारत को इस सिलसिले में कभी कोई शिकायत नहीं होगी। हाल में रूस ने पाकिस्तान के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाया है। जल्द ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पाकिस्तान की यात्रा भी करेंगे।
इन कूटनीतिक गतिविधियों से भारत में परेशानी महसूस की जा रही थी। सांस्कृतिक सहयोग आयोग की 18वीं बैठक में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आगामी भारत यात्रा के एजेंडे पर भी विचार विमर्श तथा एक करार पर हस्ताक्षर किए गए। भारत और रूस के बीच वार्षिक शीर्ष वार्ता नई दिल्ली में एक नवंबर को होगी।
संयुक्त आयोग की बैठक में मुख्यतया आर्थिक-व्यापारिक संबंधों को गति देने के उपायों पर चर्चा हुई। रक्षा मंत्री एसएम कृष्णा ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि इस वर्ष की शुरुआत में द्विपक्षीय व्यापार में 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि रूस की विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में शिरकत से द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को और बढ़ावा मिलने की संभावना है। रूसी उप प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के कुडानकुलम में परमाणु संयंत्र की दूसरी इकाई अगले वर्ष पूरी हो जाएगी।