ताज के साए में जहां चिड़िया और मोर की सुरीली आवाजें गूंजती थीं, वहां हजारों वाट का म्यूजिक, 24 बड़े स्पीकर और उस पर कानफोड़ू संगीत पर डांस। यह सब हुआ ताजमहल के महज 100 मीटर प्रतिबंधित दायरे के भीतर।
शनिवार शाम को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में फुटबाल क्लब की जर्सी की लांचिंग में आगरा के अफसरों ने ही कानून को फुटबाल बना दिया। एक अफसर ने ताजमहल के प्रतिबंधित क्षेत्र में साउंड लेवल कम करने के लिए रोका भी, लेकिन आयोजक नहीं माने।
अफसरों ने शोर तो सुना, लेकिन कार्यवाही करने पर चुप्पी साध ली। यही अफसर महताब बाग की ओर 500 मीटर क्षेत्र के बाहर भी ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति से पहले नीरी (नेशनल एनवायरमेंट इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) से रिपोर्ट की मांग करते रहे हैं। हाल में ही संगीतकार ए आर रहमान का प्रस्तावित शो भी इन्हीं एनओसी में फंसा हुआ है।
शादी समारोह से तीन-चार गुना था शोर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साइंटिस्ट देवाशीष साहा ने साल 2009 में ताजमहल के पास ध्वनि प्रदूषण की रिपोर्ट में तथ्य दिए कि शादी समारोह में 62.8 से 72 डेसिबल के बीच शोर मिला।
शनिवार को फुटबाल क्लब की किट लांच में हजारों वाट का म्यूजिक चलाया गया, वह किसी भी शादी समारोह से तीन से चार गुना ज्यादा रहा, जबकि पर्यावरण मंत्रालय ने साइलेंट जोन में 50 डेसिबल की सीमा तय कर रखी है।
रात में यही लिमिट 40 डेसिबल है। लांचिंग के दौरान एक एडीएम ने सुप्रीम कोर्ट के नियमों का हवाला देते हुए साउंड लेवल कम करने को कहा भी, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी।
पर्यावरण मंत्रालय ने यह तय किए मानक
क्षेत्र दिन में रात में
इंडस्ट्रियल 75 70
कॉमर्शियल 65 55
रेजिडेंसियल 55 45
साइलेंट 50 40
(लिमिट डेसिबल में है)
नेचर वॉक में घुसी डीजल गाड़ियां
ताज नेचर वॉक में जहां कार्यक्रम हुआ, वह जगह ताज से महज 50 मीटर दूर है, लेकिन वहां लखनऊ और नोएडा के नंबरों की दो दर्जन से ज्यादा डीजल कारें बिना पास के ही पहुंच गईं। अमर विलास बैरियर से आगे वन विभाग के गेट से इन गाड़ियों को पुलिस ने न केवल प्रवेश करने दिया, बल्कि कई गाड़ियों में सवार उद्यमियों, अधिकारियों के परिजनों को सैल्यूट भी किया।