मेरठ के कांग्रेसियों की आपसी कलह एक बार फिर सामने आई। रोडवेज चैंबर ऑफ कामर्स में रविवार को आयोजित नगमा के अभिनंदन समारोह में हार का ठीकरा एक-दूसरे पर फोड़ते हुए कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। नगमा ने बीचबचाव कर उन्हें शांत कराया।
कांग्रेस नेता सलीम पठान ने मंच से आरोप लगाया कि मेरठ में कांग्रेस पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रत्याशी को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कांग्रेस नेता तो नगमा को 42 नहीं, 22 हजार वोटों पर समेटना चाहते थे। इस पर हंगामा शुरू हो गया।
पार्टी फूट पर भिड़े कांग्रेसी
पं. जयनारायण शर्मा ने बीचबचाव किया। वरिष्ठ नेता कृष्ण कुमार किशनी ने सवाल उठाया कि प्रदेश की कमेटी भंग हो चुकी है, ऐसे में मंच पर ये नेता किस हैसियत से बैठे हैं।
इस पर निवर्तमान जिलाध्यक्ष विनय प्रधान मंच से नीचे उतर आए, लेकिन अन्य पदाधिकारी मंच पर ही बैठे रहे। बस फिर क्या था, कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच नगमा पहुंचीं और मंच से लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
हर बूथ पर मिले सिर्फ 20-25 वोट
नगमा ने बोलना शुरू किया ही था कि कार्यकर्ता सतबीर डागर, कृष्ण कुमार किशनी ने मंच पर यूसुफ कुरैशी, नसीम कुरैशी की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन्होंने पार्टी को हराने का काम किया है।
मंच पर बैठे अधिकांश कांग्रेस नेताओं के बूथ पर पार्टी को 20 से 25 वोट ही मिले। हंगामा बढ़ने पर सतबीर डागर, कृष्ण कुमार किशनी की अन्य पदाधिकारियों से झड़प हो गई। यूसुफ कुरैशी और नसीम कुरैशी ने भी मंच से जमकर जुबानी हल्ला बोला।
नगमा ने कराया मामला शांत
यह सब तमाशा देखने की आदि हो चुकीं नगमा के बीचबचाव कर मामला शांत कराया। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि वे अपने निजी हितों के लिए नहीं, पार्टी के लिए काम करें।
भले ही प्रदेश, जिला-महानगर कमेटी भंग हो गई हों, लेकिन पूर्व पदाधिकारियों को सम्मान देना चाहिए।