आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा मदर टेरेसा पर दिए गए बयान के बाद आरोप-प्रत्यारोप और आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री द्वारा आरएसएस की आलोचना के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा ने भी आरएसएस पर निशाना साधा है।
राबर्ट ने ट्वीट करते हुए कहा कि उन्हें तो बख्श दो, यह मदर की छवि धूमिल करने का प्रयास है। वहीं एनसीपी नेता डीपी त्रिपाठी ने यह कहकर भागवत पर कड़ा वार किया कि भागवत असली हिंदूज्म को ही नहीं समझते हैं।
वहीं देशभर के ईसाई संगठनों में भागवत के बयान की कड़ी प्रतिक्रिया हुई है। दिल्ली कैथोलिक आर्कोडियोसीस के फादर डोमिनिक ने कहा कि भागवत और अन्य नेता एक तरह के दिमागी असंतुलन के शिकार हैं।
कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि मदर टेरेसा का अपमान नहीं किया जाना चाहिए। कांग्रेस संसद में यह मुद्दा उठाएगी। दिग्गज कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी भागवत के इस बयान की निंदा की। उन्होंने कहा कि मैँ मोहन भागवत के बयान की निंदा करता हूं। लोगों को मदर टेरेसा के समर्पण और उनके द्वारा गरीबों और दबे कुचले लोगों की सेवा का सम्मान किया जाना चाहिए।
हालांकि भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने भागवत के बयान का बचाव किया है। लेखी ने कहा कि मदर टेरेसा ने स्वयं लिखा है कि वह सामाजिक कार्यकर्ता नहीं बल्कि जीसस की अनुयायी हैं और वे उनकी बातों को आगे बढ़ाना चाहती हैं।