गुजरात में पटेल समुदाय द्वारा की जा रही आरक्षण की मांग के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण नीति की समीक्षा करने की मांग की है। भागवत ने कहा है कि आरक्षण का उपयोग राजनीतिक हितों के लिए किया जा रहा है, ये तय होना चाहिए कि कितने लोगों को कब तक आरक्षण दिया जाना चाहिए।
संघ के मुखपत्र 'पांचजन्य' और 'आर्गेनाइजर' को दिए साक्षात्कार में भागवत ने सरकार को सुझाव दिया है कि इस मुद्दे को लेकर एक समिति का गठन करे, जो गैरराजनीतिक हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में 'हित समूह' गठित होते रहे हैं, लेकिन किसी एक समुदाय की आकांक्षा दूसरे समुदाय की कीमत पर नहीं पूरी होनी चाहिए।
भागवत ने कहा कि हमरा लक्ष्य सभी के कल्याण का होना चाहिए। ये मानना अधिक विवेकपूर्ण है कि हमारा हित राष्ट्र के हित में है। सरकार को भी ऐस मुद्दों पर संवेदनशील होने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे मुद्दों के लिए आंदोलन न हो।