फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भागवत ने फिर छेड़ी आरक्षण पर बहस, कांग्रेस नाराज

विज्ञापन
विज्ञापन
गुजरात में पटेल समुदाय द्वारा की जा रही आरक्षण की मांग के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण नीति की समीक्षा करने की मांग की है। भागवत ने कहा है कि आरक्षण का उपयोग राजनीतिक हितों के लिए किया जा रहा है, ये तय होना चाहिए कि कितने लोगों को कब तक आरक्षण दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन


संघ के मुखपत्र 'पांचजन्य' और 'आर्गेनाइजर' को दिए साक्षात्कार में भागवत ने सरकार को सुझाव दिया है कि इस मुद्दे को लेकर एक समिति का गठन करे, जो गैरराजनीतिक हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में 'हित समूह' गठित होते रहे हैं, लेकिन किसी एक समुदाय की आकांक्षा दूसरे समुदाय की कीमत पर नहीं पूरी होनी चाहिए।

भागवत ने कहा कि हमरा लक्ष्य सभी के कल्याण का होना चाहिए। ये मानना अधिक विवेकपूर्ण है कि हमारा हित राष्ट्र के हित में है। सरकार को भी ऐस मुद्दों पर संवेदनशील होने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे मुद्दों के लिए आंदोलन न हो।
विज्ञापन

Trending Videos
विज्ञापन

भागवत के बयान के विरोध में कांग्रेस और जदयू

कांग्रेस और जनता दल यूनाइटेड ने मोहन भागवत के बयान का कड़ा विरोध में किया है। बीबीसी से हुई बातचीत में कांग्रेस सचिव भक्त चरण दास ने कहा कि आजादी के इतने सालों के बाद आज भी कई जातियां हैं, जिनकी आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति बिलकुल हाशिये पर है। ऐसे में मोहन भागवत के बयान से साफ है कि संघ किस एजेंडे पर काम कर रहा है।

जनता दाल यूनाइटेड के राज्यसभा सांसद गुलाम रसूल बलियावी ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि समाज के पिछड़े लोगों के उत्थान के लिए आरक्षण जरूरी है। कतार के आखिरी लोगों को सत्ता से दूर रखने की साजिश के तहत ही ऐसी बातें कही जा रही हैं।

उल्लेखनीय है गुजरात में इन दिनों पटेल समुदय का ‌एक हिस्सा आरक्षण की मांग कर रहा है। वे अपनी जाति को OBC जाति में शामिल करने की मांग कर रहे हैं और आंदोलन भी चला रहे हैं। जिसके बाद आरक्षण की बहस गर्मा गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें