सांसदों की खरीद फरोख्त महज पूर्व नरसिम्हा राव या मनमोहन सरकार के दौरान ही नहीं हुई थी। यूपीए की पूर्ववर्ती एनडीए सरकार ने भी समर्थन के बदले सांसदों को न केवल नकद राशि और कार का पुरस्कार दिया था, बल्कि एक सांसद को तो राज्य मंत्री भी बनाया था।
यह सनसनीखेज खुलासा एनडीए सरकार के दौरान लोकसभा के सदस्य रहे बाहुबली नेता पप्पू यादव ने अपनी किताब ‘द्रोहकाल का पथिक’ में किया है।
अपनी किताब में पूर्व बाहुबली सांसद ने सांसदों का समर्थन हासिल करने के लिए सरकारों के ब्लैकमेलिंग पर उतर आने का जिक्र किया है। खासतौर से सरकारों को उन सांसदों का समर्थन पाना आसान होता था जो कि लड़कियां परोसने वाले गिरोह के हत्थे चढ़ जाते थे।
माकपा विधायक अजित सरकार की हत्या के मामले में हाल ही में बरी हुए पप्पू का दावा है कि एनडीए शासन के दौरान सांसदों को साधने का काम तत्कालीन केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने किया था।
एनडीए सरकार के दौरान साल 2001 में हुए खरीद फरोख्त का जिक्र करते हुए पूर्व सांसद ने खुलासा किया है कि उस समय केरल कांग्रेस के नेता रहे पीसी थॉमस को समर्थन की कीमत पर राज्यमंत्री की कुर्सी बतौर तोहफा हासिल हुई थी।
राज्य मंत्री बनाने का लालच
इसी प्रकार उस दौरान राजद का साथ छोड़ने वाले सांसद अनवारुल हक को एक करोड़ की रकम के साथ एक एसेंट कार तो इसी पार्टी के दूसरे सांसद नागमणि को एक करोड़ की रकम के साथ राज्य मंत्री बनाने का आश्वासन मिला था।
किताब में तत्कालीन सांसद सुखदेव पासवान को भी रिश्वत देने का जिक्र किया गया है। केंद्रीय मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने उसी साल बनाई गई भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक पार्टी के सांसदों से संपर्क साधा था। उस दौरान इस पार्टी से खुद पप्पू यादव सहित पांच सांसदों ने नाता जोड़ा था।
'सांसदों को परोसी गईं लड़कियां'
पुस्तक में सर्वाधिक सनसनीखेज दावा समर्थन हासिल करने के लिए सरकारों का ब्लैकमेल तक पर उतर जाने का किया गया है। इस किताब में पूर्व सांसद ने सुमित नाम के बिहार के शख्स का जिक्र किया है, जिसने कई सांसदों को लड़की परोसने के बाद अपनी गिरफ्त में ले लिया था।
किताब में 1990 में बनी लालू प्रसाद यादव की पहली सरकार के दौरान विधायकों के हुए खरीद फरोख्त का भी सनसनीखेज वर्णन किया गया है।