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पांच साल में राजनीतिक पार्टियां मालामाल

Sun, 02 Dec 2012 09:30 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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जनता की सेवा करने वाली दस प्रमुख राजनीतिक पार्टियों को बीते पांच साल में 2490 करोड़ रुपये की कर मुक्त आय हुई है। इसमें सबसे ज्यादा फायदा कांग्रेस और भाजपा को मिला है जिनके हिस्से बिना टैक्स की 80 फीसदी आय आई है। हिसार के रहने वाले रमेश वर्मा द्वारा आयकर विभाग से आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में ये तथ्य सामने आए हैं।
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खास बात यह कि इस कर छूट में राजनीतिक दलों को 20 हजार रुपये से मिले कम के चंदे/आय की गणना नहीं की गई है। कर मुक्त आय की यह गणना पार्टियों की 2007-08 से 2011-12 की आमदनी पर की गई है।

आरटीआई के अनुसार आमदनी में कर छूट का सर्वाधिक लाभ देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस को मिला है। उसे 1385.36 करोड़ रुपये की आय पर टैक्स छूट मिली है। जो भाजपा को मिली छूट से दोगुनी है। भाजपा को बीते पांच साल में 682 करोड़ रुपये की आमदनी पर कर छूट मिली। भाजपा के सहयोगी दल जदयू को वर्ष 2008-09 को छोड़ कर कुल 15.51 करोड़ रुपये की छूट प्राप्त हुई।
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तीन वित्त वर्षों 2007-08, 2008-09 और 2011-12 में मायावती की बहुजन समाज पार्टी को 147.18 करोड़ रुपये की आमदनी पर कर छूट मिली। जबकि पार्टी ने 2009-10 में अधूरा रिटर्न भरा था और 2010-11 में उसे टैक्स में कोई छूट नहीं मिली। शरद पवार की एनसीपी को पांच साल में कुल 141.34 करोड़ रुपये की आय पर कर छूट प्राप्त हुई।

आयकर विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक माकपा ने चार साल में अपनी आय 85.61 करोड़ रुपये बताई जबकि 2008-09 में उसकी आय ‘कुछ नहीं’ थी।

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की पार्टी जद-एस की 2009-10 और 2010-11 में आय 7.16 करोड़ रुपये थी, जबकि राम विलास पासवान की पार्टी एलजेपी को 2007 से 2011 के वित्त वर्ष में कुल 2.55 करोड़ रुपये की आय पर कर छूट प्राप्त हुई।
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वहीं लालू प्रसाद यादव की पार्टी जनता दल को 2008 से 2011 के तीन वित्त वर्षों ने 2.85 करोड़ रुपये की आय हुई। जिस पर उसे कोई कर नहीं देना पड़ा।

-13 ए : आयकर कानून 1961 की इस धारा के अंतर्गत राजनीतिक पार्टियों को अपनी आय पर टैक्स न चुकाने से छूट दी गई है।
-20 हजार रुपये : इससे अधिक के चंदे या आय का ही रिकॉर्ड रखते हैं राजनीतिक दल।
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