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छात्र आत्महत्या मामले की केंद्रीय समिति करेगी जांच

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मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने छात्र आत्महत्या मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति केस से जुड़े तथ्यों का पता लगाएगी। यह टीम हैदराबाद जाकर जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगी।
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बता दें कि हैदराबाद विश्वविद्यालय के रिसर्च स्कॉलर रोहित वेमुला ने आत्महत्या कर ली थी, जिस मामले में में केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय और विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। दोनों पर दलित छात्र को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।

इस बीच दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के आवास तथा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन हुए। इस घटना के सियासी रूप से तूल पकड़ने से भाजपा चिंतित है। छात्रों के साथ कांग्रेस ने भी दत्तात्रेय का इस्तीफा मांग भाजपा तथा सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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हॉस्टल के कमरे में लटकता पाया गया था शव

रोहित का शव रविवार को हॉस्टल के कमरे में लटकता हुआ पाया गया था। वह उन पांच रिसर्च स्कॉलर में था, जिन्हें एबीवीपी के छात्र नेता के साथ मारपीट के आरोप में पिछले साल अगस्त में सस्पेंड किया गया था। हालांकि यह निलंबन रद्द कर दिया गया था लेकिन बाद में इन छात्रों के हॉस्टल में रहने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

ये लोग खुले में रह रहे थे और पिछले 15 दिनों से हड़ताल पर थे। छात्रों का आरोप है कि केंद्रीय मंत्री दत्तात्रेय ने ईरानी को पत्र लिखकर दलित छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा था। छात्रों की शिकायत पर पुलिस ने दत्तात्रेय और कुलपति अप्पा राव समेत विधायक रामचंद्र राव और छात्र सुशील कुमार तथा रामकृष्ण के खिलाफ एफआईआर लिख ली है।

दूसरी ओर दत्तात्रेय का कहना है कि विश्वविद्यालय में समाज और राष्ट्रविरोधी गतिविधियां चल रही थीं। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को पीटा गया था। पीड़ितों ने उन्हें एक विज्ञप्ति दी थी, जिसे उन्होंने मानव संसाधन मंत्रालय में भेज दिया। आगे की कार्रवाई के बारे में उन्हें नहीं पता है। वहीं स्मृति ईरानी ने कहा है कि सरकार विश्वविद्यालय के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करती। समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही वह आगे कुछ कहेंगी।

कांग्रेस हुई हमलावर

दूसरी ओर कांग्रेस ने इस मौके को संघ और भाजपा पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया है। पार्टी ने बंडारू दत्तात्रेय के इस्तीफे और वीसी को पद से हटाने की मांग की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरपीएन सिंह ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्रीय मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है।

उनके द्वारा लिखे गए पत्र से प्रथम दृष्टया आत्महत्या के लिए उकसाने की बात साबित होती है। ऐसे में दत्तात्रेय को तत्काल पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो प्रधानमंत्री को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए।

उन्होंने भाजपा और संघ को दलित विरोधी करार देते हुए कहा कि एनडीए शासन में दलितों का उत्पीड़न बढ़ा है। साथ ही कहा है कि मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी को खुद हैदराबाद जाकर जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।

सुलग गया तेलंगाना

वहीं इस हादसे के बाद छात्रों का एक समूह वेमूला के शव को लेकर रात भर धरने पर बैठा रहा। मामला गरमाने के बाद इस मामले में सोमवार को केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता बंडारू दत्तात्रेय, विश्वविद्यालय के कुलपति अप्पा राव, पार्षद रामाचंद्र राव, छात्र सुशील कुमार व राम कृष्ण के खिलाफ धारा 306 सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया।

इस बीच तमाम राजनीतिक दलों ने बंडारू के इस्तीफे की भी मांग की है, वहीं मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। साइबराबाद पुलिस आयुक्त सीवी आनंद ने बताया कि गुंटूर जिलानिवासी रोहित रोहित उन पांच शोधार्थी छात्रों में शामिल था जो एबीवीपी के एक छात्र नेता पर कथित हमले के आरोपी थे।

इस आरोप में पांचों को पिछले साल अगस्त में शेष पढ़ाई अवधि के लिए विश्वविद्यालय छात्रावास से निलंबित कर दिया गया था। उसके बाद से रोहित और उसके चारों साथी कैंपस के बाहर तंबू लगाकर रह रहे थे और निष्कासन का विरोध कर रहे थे। यह पांचों दलित छात्र अंबेडकर स्टूडेंड एसोसिएशन (एएसए) के सदस्य थे।
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जम कर हुआ विरोध प्रदर्शन

विश्वविद्यालय की प्राथमिक जांच में पांचों को निर्दोष करार दिया गया, लेकिन बाद में कथित तौर पर भाजपा नेता एवं केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बंडारू दत्तात्रेय की ओर से शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी को चिट्ठी लिखी और यूनिवर्सिटी ने अपना फैसला पलट दिया। रविवार रात रोहित द्वारा आत्महत्या करने के बाद छात्रों ने एकजुट होकर शव के साथ प्रदर्शन किया और नारे लगाए।

छात्रों ने पुलिस से बंडारू दत्तात्रेय के खिलाफ अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार कानून के तहत मामला दर्ज करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि बंडारू के इस कदम ने ही रोहित को आत्महत्या के लिए उकसाया। इस घटना के विरोध में कई छात्र संघों ने सोमवार को राज्य के शिक्षण संस्थानों में बंद की अपील की।

दिल्ली में भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बाहर भी प्रदर्शन किया गया। जेएनयू के छात्रों ने तो कक्षाओं का बहिष्कार करने के साथ ही हड़ताल का भी एलान कर दिया। सोमवार सुबह पुलिस का एक दल केंद्रीय विश्वविद्यालय पहुंचा और विरोध प्रदर्शन कर रहे आठ छात्रों को गिरफ्तार करने के साथ ही रोहित का शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था।

हालांकि छात्रों ने पुलिस को रोकने की पूरी कोशिश की और शव को एक कमरे में बंद कर दिया था। इन सबके बीच शिक्षा मंत्री ने यूनिवर्सिटी में के लिए एक टीम भी रवाना कर दी। शिवानंद ने बताया कि कैंपस में पुलिस तैनात है और हालात शांतिपूर्ण हैं।
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