डीएलएफ जमीन घोटाला केस में मुश्किल बढ़ती देख कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने अपना कारोबार समेटना शुरू कर दिया है।
वाड्रा ने 12 में से 4 कंपनियां बंद कर दी हैं। ये कंपनियां हरियाणा और राजस्थान में काम कर रही हैं। उनकी दो और कंपनियां जल्द ही बंद हो सकती हैं। जिन कंपनियों को बंद किया है, उनके नाम हैं- लाइफलाइन एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, ग्रीनवेव एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, राइटलाइन एग्रीकल्चर प्राइवेट लिमिटेड, प्राइम टाइम एग्रो प्राइवेट लिमिटेड।
जल्द ही दो और कंपनियां भी बंद होने वाली हैं, जिनके नाम हैं- फ्यूचर इंफ्रा एग्रो प्राइवेट लिमिटेड, बेस्ट सीजनंस एग्रो प्राइवेट लिमिटेड। ये कंपनियां 2012 में बनाई गई थीं।
एक अंग्रेजी अखबार का दावा है कि सीएजी की ड्राफ्ट रिपोर्ट में वाड्रा पर 44 करोड़ के गड़बड़ झाले का आरोप है। अखबार के मुताबिक सीएजी की रिपोर्ट में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उन्हें कानून तोड़ने का मौका दिया जिससे वाड्रा ने करीब 44 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया।
राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष अशोक परनामी के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ राजस्थान में जमीन घोटाले को लेकर राजस्थान सरकार जांच कर रही है, वे कंपनियां बेचें या नहीं बेचें, इससे फर्क नहीं पड़ता। जांच में आरोप साबित हुए तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।