लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद रविवार को पहली बार बागपत पहुंचे रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह ने कहा कि रालोद यूपीए में ही रहेगा। बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ बन रहे तीसरे मोर्चे में शामिल होने का उनका कोई इरादा नहीं है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में बड़े चौधरी साहब का स्मारक बनाने के मुद्दे पर आंदोलन जारी रहेगा। चौधरी साहब का स्मारक बनने में वक्त लग सकता है लेकिन कामयाबी जरूर मिलेगी।
यूपीए में ही रहने का उनका यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले दिनों यह कयास लगाए जा रहे थे वे कांग्रेस के सहयोग से राज्यसभा जा सकते हैं लेकिन कांग्रेस ने पीएल पूनिया को अपना उम्मीदवार बनाया। इसके बावजूद अजित सिंह का इरादा कांग्रेस के साथ ही लंबी पारी खेलने का है।
उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान बड़ौत में कहा था कि वे 2017 का विधानसभा चुनाव भी कांग्रेस के साथ मिलकर ही लड़ेंगे। मोदी सरकार की अब तक की कार्यप्रणाली के बारे में उन्होंने कहा कि जनता को अच्छे दिनों का इंतजार है। खास तौर से किसान और नौजवान यह सोच रहे हैं कि उनके अच्छे दिन कब आएंगे। भाजपा ने चुनाव से पहले जो सपने दिखाए, वे सच कब होंगे?
उन्होंने कहा जनता की नजरें इस पर लगी है कि ब्लैक मनी विदेशों से वापस कब आती है और कब इसे पब्लिक में बांटा जाता है। दिल्ली स्थित 12 तुगलक रोड बंगले में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह का स्मारक बनाने के लिए चल रहे आंदोलन के सवाल पर उन्होंने कहा यह किसानों की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है। इसके लिए किसानों ने जो आंदोलन शुरू किया है, वह जारी है। मीटिंग हो रही हैं। अब देखते हैं वक्त कितना लगता है अंजाम तक पहुंचने में।