गंगा को जीवन देने वाला गोमुख खुद खतरे में है। हाल के वर्षों में इलाके के तापमान में खतरनाक ढंग से तेजी आई है। वहीं सालाना होने वाली बर्फबारी भी कम हो गई है।
यह चिंताजनक खुलासा एक शोध में हुआ है। गंगोत्री ग्लेशियर या गोमुख के सिकुड़ने की खबरें आती रही हैं। इसे मौसमी आंकड़ों से मिलाने के लिए चंडीगढ़ स्थित स्नो एंड एवालांच स्टडी इस्टैब्लिशमेंट के वैज्ञानिकों की पांच सदस्यीय टीम ने 13 सालों का लंबा अध्ययन किया।