आगामी पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद मतदाताओं को ईवीएम मशीन में 'कोई नहीं' का विकल्प मिलेगा।
मतदाता इस बटन के जरिए उम्मीदवारों के प्रति अपनी नापसंदगी जाहिर कर सकता है। आगामी पांच राज्यों के विधानसभों चुनावों की तारीख घोषित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त वी एस संपत ने इस बात की जानकारी दी।
संपत ने बताया कि इन विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को ईवीएम मशीन में कोई नहीं का विकल्प दिया जाएगा। आगामी चुनावों में 11 करोड़ से ज्यादा मतदाता इस नए विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस नए फैसले की मदद से राजनीति में बढ़ रहे अपराधीकरण पर काफी हद तक रोक लगेगी।
लोकतंत्र को जीवित रखेगा ये फैसला
इस ऐतिहासिक फैसले को सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा था कि मतदान में ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी के लिए नकारात्मक वोटिंग जरूरी है।
लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए यह बेहद आवश्यक है कि सबसे योग्य व्यक्ति को जनप्रतिनिधि चुना जाए।
उच्च मानदंड तथा नैतिक मूल्यों के बल पर ही सर्वश्रेष्ठ लोगों को संसद या विधानसभा में लाया जा सकता है। एक जीवंत लोकतंत्र के संपूर्ण विकास के लिए ‘उपर्युक्त में से कोई नहीं’ का विकल्प बेहद जरूरी है।
सर्वोच्च अदालत ने कहा कि मतदान लोकतंत्र का मूलमंत्र है। प्रत्येक बालिग मतदाता का यह वैधानिक अधिकार है कि वह अपने पसंद के उम्मीदवार को अपना प्रतिनिधि चुने।
पूरा भरना होगा नामांकन पत्र
चुनावों की तारीख की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत ने बताया कि इस बार चुनावों में खड़े हो रहे उम्मीदवारों को पूरा नामांकन पत्र भरना होगा।
पहले उम्मीदवार नांमाकन पत्र में कई बिंदुओं को खाली छोड़ देते थे। जबकि इस बार नामांकन पत्र भरते समय उम्मीदवारों को सारी जानकारियां देनी होगी। पूरी जानकारी नहीं दिए जाने पर नामांकन पत्र खारिज कर दिया जाएगा।