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इंजीनियरिंग में कॉमन प्रवेश परीक्षा का विरोध फिर शुरू

Mon, 19 Nov 2012 11:58 AM IST
बृजेश सिंह/नई दिल्ली
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केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय से हटते ही कपिल सिब्बल के फैसलों पर उंगली उठने लगी है। खासतौर पर इंजीनियरिंग व आईआईटी में प्रवेश के लिए कॉमन प्रवेश परीक्षा के फैसले का एक बार फिर विरोध शुरू हो गया है।
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नये एचआरडी मंत्री पल्लम राजू को अब तक 200 से ज्यादा ईमेल प्राप्त हुए हैं, जिनमें आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में बदलाव के फैसले पर विरोध जताया गया है। मानव संसाधन मंत्री के निकट सूत्रों के अनुसार ज्यादातर ईमेल में आईआईटी के लिए अलग प्रवेश परीक्षा की पुरानी व्यवस्था को ही बनाये रखने की बात कही गई है।

याद रहे कि वर्ष 2013 में इंजीनियरिंग के लिए कॉमन प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हालांकि यह फैसला अभी सिर्फ एक साल के लिए ही लागू किया गया है। वर्ष 2014 में इसे जारी रखने पर आईआईटी काउंसिल बाद में फैसला लेगी।
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कपिल सिब्बल की पहल पर हुए इस फैसले का देश में कई संगठनों ने काफी विरोध किया था। सिब्बल के मंत्रालय से विदाई के बाद विभिन्न लॉबी नये मंत्री पल्लम राजू को इस फैसले को बदलने के लिए प्रभावित करने का प्रयास कर रही हैं।

आईआईटी दिल्ली एल्मुनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष सोमनाथ भारती के साथ शुक्रवार को एक प्रतिनिधि मंडल मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू से मिलकर कॉमन प्रवेश परीक्षा पर अपना विरोध जता चुका है। सोमनाथ भारती ने बताया कि अगले महीने कोलकाता में पैन आईआईटी का सम्मेलन होने जा रहा है, जिसमें दुनिया भर से प्रतिनिधि भाग लेंगे। सात से दस दिसंबर तक होने वाले इस सम्मेलन में मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू को भी आमंत्रित किया गया है। वहां भी हम इस मुद्दे को मंत्री के समक्ष उठाएंगे।
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