राजस्थान में हाईकोर्ट की टिप्पणियों से नाराज 10 अतिरिक्त महाधिवक्ताओं ने इस्तीफे दे दिए। इस्तीफा देने वाले अतिरिक्त महाधिवक्ताओं में 8 जयपुर के और दो जोधपुर के हैं।
राजस्थान में वकीलों की हड़ताल दो महीने से जारी है। यह हड़ताल जयपुर में निचली अदालत के न्यायाधीश के द्वारा एक वकील पर अवमानना की कार्रवाई संबंधी मामले के खिलाफ शुरू हुई थी, जिसका बाद में मुद्दा बदलकर न्यायिक व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार हो गया।
हाईकोर्ट की जोधपुर और जयपुर बेंच ने कहा था कि वकीलों की लम्बी हड़ताल के कारण अदालत में आने वाले वादी और परिवादी दोनों ही पक्ष परेशान हो रहे हैं।
जोधपुर में हाईकोर्ट के न्यायाधीश गोविंद माथुर ने बुधवार को सुनवाई के दौरान सभी सरकारी वकीलों से काम पर लौटने की अपील की थी और चेतावनी दी थी कि अगर वे काम पर नहीं लौटे तो उनकी सनद रद्द कर दी जाएगी।
इधर, जयपुर में हाईकोर्ट के न्यायाधीश अजय रस्तोगी और जे.के. रांका की खंडपीठ ने सरकार के लिए कहा था कि सरकारी वकीलों को संरक्षण दिया जा रहा है।
अदालत ने कहा कि दो माह से सरकारी वकील अदालतों में उपस्थित नहीं हो रहे हैं और सरकार कुछ नहीं कर रही है। अदालत ने मुख्य सचिव राजीव महर्षि से शपथ पत्र देने को कहा था।