सीबीआई जांच से पहले बाबा रामदेव के गुरु स्वामी शंकर देव की तलाश का मौका हरिद्वार पुलिस को एक बार फिर मिल गया है। पुलिस मुख्यालय से जारी नए आदेश को आधार बनाते हुए हरिद्वार पुलिस ने शंकर देव की गुमशुदगी के मामले को अब अपहरण में बदलकर दर्ज कर लिया है। इसी के साथ शंकर देव की फाइल खोलकर फिर से जांच शुरू कर दी गई है।
बाबा रामदेव के गुरु शंकर देव कनखल थाना क्षेत्र स्थित कृपालु बाग आश्रम से 14 जुलाई 2007 से लापता हो गए थे। 16 जुलाई को दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कनखल थाने में इनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पांच साल तक लंबी जांच के बाद 10 अप्रैल 2012 को सबूत न मिलने के अभाव में तलाश जारी रखते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने स्वामी शंकर देव की गुमशुदगी की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति केंद्र सरकार से की थी। हालांकि बाबा रामदेव इस सिफारिश पर भी उठाते रहे हैं।
इस बीच पुलिस मुख्यालय देहरादून से जारी आदेश को आधार बनाकर हरिद्वार पुलिस ने केस को फिर खोल दिया है। इस बार शंकर देव की गुमशुदगी को पुलिस ने आईपीसी की धारा 365 में दर्ज किया है। गुमशुदगी अपहरण में दर्ज होते ही केस की जांच दोबारा शुरू हो गई है। ऐसे में पुलिस सीबीआई जांच से पहले एक बार फिर शंकर देव की तलाश कर पाएगी।
यह है नया आदेश
जनवरी 2007 में पुलिस मुख्यालय से एक आदेश जारी हुआ था, जिसमें एक माह बीतने पर गुमशुदा लोगों का केस अपहरण में दर्ज किए जाने की बात कही गई थी। लेकिन, किन्हीं कारणों के चलते केवल किशोरों के मामलों में ही अपहरण के केस दर्ज किए गए। हाल ही में पुलिस मुख्यालय से नया आदेश जारी हुआ। जिसमें वयस्क लोगों की गुमशुदगी भी एक माह से ज्यादा समय बीतने पर अपहरण में दर्ज करने के लिए कहा गया था। इसी क्रम में हरिद्वार पुलिस ने शंकर देव की गुमशुदगी अपहरण में दर्ज की है।
नए आदेश के बाद स्वामी शंकर देव की गुमशुदगी अपहरण में दर्ज कर ली गई है। कनखल पुलिस के एसआई गजेंद्र सिंह को जांच सौंपी गई है।-अरुण मोहन जोशी, एसएसपी