अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से ठीक पहले गुटबाजी से जूझ रही प्रदेश कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा था। कांग्रेस की युवा नेता अलका लांबा ने पार्टी छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल होने की घोषणा की।
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अलका ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा है, "20 साल बिताने के बाद अब कांग्रेस और उसके नेतृत्व को गुडबाय कहने का वक्त आ गया है, मैं कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमति सोनिया गांधी को धन्यवाद कहूंगी। मेरा कसूर: जिनके लिए (कांग्रेस) अभी तक गाली खाई वो कोई और नहीं, मेरे अपने ही थे और जिनसे (आप) गाली खाई अब वो मेरे अपने से लगते हैं।"
ट्वीट के जरिए उन्होंने कहा, "मेरी गलती: आप ने मेरे सामने विधानसभा चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा था लेकिन उस समय मैं इसके लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी, अब फिर से गेंद उनके पाले में है।" अलका लांबा कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई की अध्यक्ष और राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य भी रह चुकी हैं।
रेमो फर्नांडिसः ईमानदार राजनीति की धुन
एक वक्त देश में पॉप म्यूजिक इंडस्ट्री का बड़ा नाम रहे रेमो फर्नांडिस भी आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे।
फेसबुक पर रेमो ने लिखा, "मेरे लिए यह ऐतिहासिक दिन था। जिंदगी में पहली बार मैंने किसी राजनीतिक दल का हाथ थामा है। क्योंकि जिंदगी में पहली बार मुझे किसी राजनीतिक दल में यकीन हुआ है।" आप की टोपी और हाथ में झाड़ू थामे रेमो ने अपनी तस्वीर भी पोस्ट की।
अपने प्रशंसकों को आप से जुड़ने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा, "मैं अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए वोट कर बदलाव के इंतजार में थक चुका हूं। जैसा कि कहा जाता है, अगर मैं कोई बदलाव चाहता हूं, तो मुझे खुद वही बदलाव बनना होगा। अब देखना है कि आप क्या करती है।"
कैप्टन गोपीनाथः साफ राजनीति की उड़ान
देश में लो-कॉस्ट एयरलाइन को आसमान तक पहुंचाने वाले कैप्टन गोपीनाथ ने भी आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है। कैप्टन गोपीनाथ ने कहा, "मैंने तीन हफ्ते पहले आम आदमी पार्टी से जुड़ने की दिलचस्पी जताई थी। जब केजरीवाल-अन्ना साथ थे, तो मैं हमेशा अन्ना आंदोलन का हिस्सा था।"
उन्होंने कहा, "देश की समस्याएं भ्रष्टाचार की वजह से हैं, इसलिए मेरा दिल हमेशा इससे जुड़ा रहा। जब विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, तब भी मैं इससे जुड़ा था, इसलिए आप के नेताओं को मैं काफी वक्त से जानता हूं।"
एयर डेक्कन, डेक्कन चार्टर्स और डेक्कन360 की नींव रखने वाले कैप्टन गोपीनाथ लंबे वक्त से राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं। वह 2009 में बंगलुरु में चुनाव भी लड़े थे, लेकिन हार गए। जब इस बारे में पूछा गया, तो वह बोले, "मैं चुनाव लड़ने को तैयार हूं, लेकिन यह फैसला सही वक्त पर होगा। मेरी भूमिका अभी तक स्पष्ट नहीं है।"
आदर्श शास्त्रीः एप्पल से AAP तक!
एक करोड़ की सैलरी, चमचमाता कॉरपोरेट ऑफिस और दुनिया की बेहतरीन कंपनी में हाई-प्रोफाइल जॉब। अगर किसी शख्स के पास यह सब कुछ हो, तो उसे फिर क्या सोचने की जरूरत है? लेकिन आम आदमी पार्टी से जुड़ने के लिए एक शख्स ने यह सब कुछ छोड़ दिया।
40 बरस के आदर्श शास्त्री न केवल कॉरपोरेट दिग्गज रहे, बल्कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पात्र भी हैं। वह कांग्रेस नेता अनिल शास्त्री के बेटे हैं। कांग्रेस दिल्ली में आम आदमी पार्टी का समर्थन भले कर रही हो, लेकिन दोनों करीबी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी भी हैं। ऐसे में आदर्श आप के लिए काफी आकर्षक रंगरूट हैं।
आदर्श ने कहा, "केजरीवाल की शिद्दत से मुझे प्रभावित किया। मैंने अपने पिता से कहा कि मैं कांग्रेस की संस्कृति में फिट नहीं होता। उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया। मैं पिछले दो-तीन महीने से इस बारे में अपने माता-पिता से बातचीत कर रहा था। कुछ दिन पहले ही मैंने उन्हें आप से जुड़ने के फैसले के बारे में बताया।"
मीरा सान्यालः बैंकर से पॉलिटिक्स तक
आम आदमी पार्टी से जुड़ने वाली मीरा सान्याल दक्षिणी मुंबई से चुनाव लड़ना चाहते हैं। रॉयल बैंक ऑफ स्कॉटलैंड की पूर्व चेयरपर्सन और सीईओ मीरा सान्याल इसी सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ चुकी हैं, लेकिन हार गई थीं। दिल्ली विधानसभा चुनावों में उन्होंने अरविंद केजरीवाल की पार्टी का प्रचार किया, लेकिन तब तक औपचारिक रूप से उससे जुड़ी नहीं थीं।
मीरा सान्याल ने कहा, "मैं न केवल आम आदमी पार्टी के नेतृत्व से प्रभावित हूं, बल्कि उसमें शामिल उन लोगों से काफी खुश हूं जो ईमानदारी के साथ लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में उतरे हैं। ये ऐसे लोग हैं, जिनसे मैं खुद को जुड़ा महसूस करती हूं। मैं लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती हूं। आगे पार्टी को तय करना है।"
राजनीति में उतरने के लिए आरबीएस की नौकरी छोड़ने वाली मीरा को उम्मीद है कि पार्टी में उनकी भूमिका बैंकिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़ी होगी। उन्होंने कहा, "ऐसा माना जाता है कि आप की आर्थिक नीतियां वामदलों की दर्ज पर है। मैं सब्सिडी के पक्ष में नहीं, लेकिन खाद्य सुरक्षा बिल पास करने वाली कांग्रेस, भाजपा ऐसे बिल पर लड़ रही हैं, जो उससे कहीं छोटा है।"
वी बालकृष्णनः इंफोसिस से AAP में एंट्री
एक चौंकाने वाले कदम में देश की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस के बोर्ड सदस्य वी बालकृष्णन ने कॉरपोरेट गलियारे छोड़कर अब सियासी गलियों में चलने का फैसला किया। वह आम आदमी पार्टी से जुड़ गए हैं।
बाला के नाम से विख्यात इंफोसिस के पूर्व शीर्ष अधिकारी ने कहा, "जी हां, मैं आम आदमी पार्टी का सदस्य बन गया हूं। अब इसकी पुष्टि हो गई है। देश में उन्होंने क्रांतिकारी राजनीति की शुरुआत की है। मैं उन्हें लेकर काफी उत्साहित हूं।"
1991 में इंफोसिस से जुड़ने वाले बालकृष्णन बाद में कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर भी बने। उन्हें सीईओ पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। यह पूछने पर कि क्या वह कारोबारी प्रतिबद्धताओं के साथ पूर्णकालिक राजनीतिक करियर की तरफ भी देख रहे हैं, उन्होंने कहा, "भविष्य में मुझे ऐसा लगता है...मुझे लगता है कि मैंने दोनों काम संभाल सकता हूं।"
ऑस्कर रेबेलोः सामाजिक कार्यकर्ता AAP के हुए
रेमो फर्नांडिस के साथ गोवा से ही जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता ऑस्कर रेबेलो भी अब आम आदमी पार्टी के सदस्य बन गए हैं। हालांकि, वह पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह आगामी किसी भी चुनाव में पार्टी की टिकट पर चुनाव नहीं लड़ेंगे।
पणजी के जनरल फिजिशियन रेबेलो ने कहा, "मैंने कार्यकर्ता के रूप में आम आदमी पार्टी से जुड़ने का फैसला किया है, क्योंकि मुझे उनकी नीतियों में भरोसा है और पार्टी के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए जो भी मदद बन पड़ेगी, मैं करूंगा।"
यह पूछने पर कि वह क्या भविष्य में चुनाव भी लड़ेंगे, इसके जवाब में उन्होंने कहा, "नहीं, मैं किसी भी सूरत में चुनाव लड़ने पर विचार नहीं करूंगा।"
कानू कलसरियाः मोदी से बगावत करने वाले भी AAP में
भाजपा के पूर्व विधायक डॉ. कानू कलसरिया ने गुजरात में आम आदमी पार्टी से जुड़ने का फैसला कर लिया। राज्य में किसानों के जमीन से जुड़े अधिकारों के लिए आंदोलन चलाने वाले कलसरिया ने निरमा सीमेंट प्लांट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बगावत कर दी थी।
आम आदमी पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि गुजरात में जिस तरह के चेहरे की जरूरत उन्हें थी, कलसरिया उसे पूरा करते हैं। वह जमीनी स्तर पर, खास तौर से किसानों के बीच काफी लोकप्रिय बताए जाते हैं।
उनकी छवि ईमानदार नेता की है। कई लोगों का मानना है कि वह आगामी लोकसभा चुनावों में अहम किरदार अदा कर सकते हैं और कांग्रेस-भाजपा को उनके गढ़ में काफी चोट पहुंचा सकते हैं। कलसरिया ने कहा, "आप से पहले मैं कांग्रेस से जुड़ने जा रहा था, लेकिन खुशकिस्मत हूं कि ईश्वर ने मुझे आप जैसे दल से जुड़ने का मौका दिया।"