केंद्रीय मंत्रिमंडल में बजट सत्र के बाद फेरबदल तय है। माना जा रहा है कि उस फेरबदल में अरुण जेटली से वित्त मंत्रालय छिन सकता है। समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आर्थिक सुधारों को गति देने और आलोचकों को खामोश करने के लिए मंत्रिमंडल में सहयोगी दलों और नए चेहरों को जगह दे सकते हैं।
जानकारों का मानना है कि अच्छे दिनों के वादे के साथ आई मोदी सरकार का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। सरकार कर और भूमि सुधारों के दिशा में ठोस कदम उठाने में नाकामयाब रही है।
केंद्र सरकार के कामकाज के बल पर दिल्ली और बिहार विधानसभा में उतरी भाजपा मुंह की खा चुकी है। फिलहाल पार्टी की निगाहें अगले वर्ष होने वाले उत्तर प्रदेश चुनावों पर है। आगामी लोकसभा चुनावों में जीत हासिल करने के लिए उत्तर प्रदेश के जीतना बहुत जरूरी है। उत्तर प्रदेश को निगाह में रखकर अमित शाह को भाजपा अध्यक्ष के रूप में रख गया है। उनका मौजूदा कार्यकाल इसी हफ्ते खत्म हो रहा है।