राजनीति में समाजवादी गोत्र वाले जनता परिवार के तीन बड़े दल सपा, जद(यू) और जद(एस) भाजपा की सियासी बाढ़ को रोकने के लिए परस्पर विलय के लिए राजी हैं, जबकि राजद और इनेलो फिलहाल मोर्चे के पक्ष में हैं।
सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर हुई जनता परिवार के दिग्गज नेताओं की बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी.देवेगौड़ा, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जद(यू) अध्यक्ष शरद यादव ने मुलायम सिंह यादव की अगुआई में विलय पर सहमति जताई। वहीं राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और इनेलो नेता दुष्यंत चौटाला ने फिलहाल मोर्चा बनाने और भविष्य में विलय की ओर बढऩे की बात कही।
जद(यू) अध्यक्ष शरद यादव ,उनके भरोसेमंद जद(यू) महासचिव के.सी.त्यागी पूर्व जनता परिवार को एकजुट करने की मुहिम में जुटे हैं। के.सी.त्यागी ने लोकसभा चुनाव के नतीजे आते ही इसकी घोषणा करते हुए समाजवादियों के गैर कांग्रेसवाद के सिद्धांत को भी तिलांजलि देने का ऐलान कर दिया था।
त्यागी ने अमर उजाला को बताया कि यह बैठक विलय की दिशा में पहला कदम है। क्योंकि पहली बार मुलायम सिंह यादव जैसे बड़े नेता ने विलय पर सहमति जताई और फिलहाल मोर्चे की बात करने के बावजूद लालू प्रसाद यादव का रुख भी नरम रहा।