ताजमहल से होने वाली कमाई में पिछले कुछ सालों में लगातार कमी आई है। वहीं इसके रखरखाव पर होने वाला खर्च बढ़ता गया है।
संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने बुधवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि ताज देखने के लिए एंट्री फीस तथा ताजमहल परिसर में शूटिंग जैसे दूसरे स्रोतों से 2012-13 के दौरान 24.58 करोड़ रुपये की आय हुई थी।
अगले साल यानी 2013-14 के दौरान यह घटकर 22.40 करोड़ रुपये हो गई। 2014-15 में भी इसमें कमी देखने को मिली। इस साल ताज से केवल 21.78 करोड़ रुपये का ही राजस्व प्राप्त हुआ है।
हालांकि इस विश्व प्रसिद्ध स्मारक के रखरखाव पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ता गया है। 2012-13 में ताज पर होने वाला खर्च 12.04 करोड़ रुपये था, जो 2013-14 में 13.73 करोड़ और 2014-15 में 16.24 करोड़ रुपये हो गया। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वायु प्रदूषण तथा दूसरे प्राकृतिक कारण ताज के पत्थरों पर बुरा प्रभाव डाल रहे हैं।