प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नई टीम का पहले ही दिन शगुन बिगड़ गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय से हटाए जाने से जयपाल रेड्डी काफी नाराज हैं। यह बात तब सबके सामने आ गई जब वह नए पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली को पदभार सौंपने मंत्रालय नहीं पहुंचे।
इस बीच, अरविंद केजरीवाल, भाजपा और लेफ्ट ने रिलायंस इंडस्ट्री के दबाव में रेड्डी को हटाने आरोप लगाते हुए सरकार पर हमला बोल दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रेड्डी को मनाने की कोशिश शुरू हुई और मोइली को खुद उनके घर जाना पड़ा। शाम तक मामला कुछ ठंडा हुआ और जयपाल नए विभाग का कार्यभार संभालने पहुंचे।
कैबिनेट फेरबदल के बाद सोमवार को यूपीए सरकार को सियासी बवाल का सामना करना पड़ा। पेट्रोलियम मंत्रालय में अच्छा काम करने के बावजूद रेड्डी को हटाने जाने पर सरकार पर औद्योगिक घरानों के इशारे पर मंत्री को हटाने का गंभीर आरोप लग गया। आरोप को तब और बल मिला जब सुबह नए पेट्रोलियम मंत्री को पदभार सौंपने रेड्डी दफ्तर नहीं पहुंचे। रेड्डी की गैर मौजूदगी में राज्यमंत्री आरपीएन सिंह को यह औपचारिक निभानी पड़ी।
मामले के मीडिया में आने से सरकार का संकट बढ़ गया। सामाजिक कार्यकर्त्ता अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर डाला कि अच्छा काम करने के बावजूद रेड्डी को रिलायंस के इशारों पर हटाया गया। उसके बाद भाजपा और वामपंथी दलों ने सरकार पर उद्योगपतियों के इशारों पर काम करने का आरोप जड़ दिया। मामला बिगड़ता देख सरकार को डैमेज कंट्रोल की कसरत करनी पड़ी।