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इराक में लड़ने के लिए भारत में भर्ती

Sun, 22 Jun 2014 01:09 PM IST
नासिर हुसैन/अमर उजाला, अलीगढ़, लखनऊ
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इराक गृहयुद्ध की तपिश भारत में भी पहुंच गई है। गृहयुद्ध के विरोध में ऑल इंडिया शिया हुसैनी फंड देश भर में युवाओं की भर्ती कर रहा है।
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ऑल इंडिया शिया हुसैनी फंड, लखनऊ के जनरल सेक्रेटरी सैय्यद हसन मेहंदी ने बताया कि शुक्रवार रात तक लब्बैक या हुसैन (ए हुसैन हम हाजिर हैं तेरे सामने) पढ़ते हुए हजारों युवा शहादत का फॉर्म भर चुके थे। कई शहरों में ऑनलाइन फॉर्म भेजे जा रहे हैं। शनिवार को अलीगढ़ में भी ऑनलाइन फॉर्म भेजे गए हैं।

मेहंदी ने बताया कि अभियान में ऐसे युवाओं को तरजीह दी जा रही है जिनके पास पासपोर्ट हैं। फॉर्म में एक कसम भी है, जिसमे साफ-साफ लिखा है कि मैं इराक, बहरीन, पाकिस्तान और सीरिया अपनी मर्जी से जाकर आतंकियों के खिलाफ लड़ना चाहता हूं। यदि मैं इस हक और बातिल (झूठ के खिलाफ) की जंग में शहीद हो जाता हूं तो अपनी शहादत का खुद जिम्मेदार होऊंगा न कि मेरा परिवार या मेरा देश।
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गरीब लड़कों को आर्थिक सहायता

गौरतलब है कि इराक जाने वाला कोई लड़का गरीब है तो संगठन की तरफ से उसकी आर्थिक सहायता की जाएगी। ऑल इंडिया शिया हुसैनी फंड, लखनऊ के जनरल सेक्रेटरी सैय्यद हसन मेंहदी ने बताया कि 28 साल से वह नवरोज के नाम से एक अखबार भी निकालते रहे हैं, जिस पर फिलहाल सरकार ने रोक लगा दी है।

मेंहदी ने बताया कि हमारी पूरी तैयारी है। अगर हमें सरकार की वजह से वहां जाने का मौका नहीं मिल पाता है तो अल्लाह हमारी शहादत की नियत को भी कुबूल करेगा। इसलिए हम ज्यादा से ज्यादा युवाओं को भर्ती कर रहे हैं।
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आठ हजार युवक-युवतियों ने भरा फॉर्म

शिया समुदाय की आस्था से जुड़े मुबारक रौजों की सुरक्षा के लिए इराक जाने को कई हिंदू-मुस्लिम युवा-युवती इच्छुक हैं। शनिवार को दरगाह और सआदतगंज में ऑल इंडिया शिया हुसैनी फंड के शिविरों में आवेदन करने वालों का आंकड़ा आठ हजार के पार पहुंच गया। शुक्रवार तक आंकड़ा पांच हजार था। इसमें हिंदू युवक-युवतियों के 151 आवेदन भी शामिल हैं।

संगठन के महासचिव हसन मेहंदी ने बताया कि अगर इन्हें इराक सरकार अनुमति दे दे तो ये सभी युवा वहां जाएंगे। इस संबंध में युवा मंगलवार को देश की विदेश मंत्री से अनुमति मांगेंगे। साथ ही इराक सरकार से वीजा देने की गुजारिश करेंगे। हसन मेहंदी ने बताया कि यह आवेदन दिल्ली व इराक दूतावास भेजे जाएंगे।

इसी के साथ मुहिम को जारी रखा जाएगा। झब्बू ने बताया कि सोमवार से नक्खास व हजरतगंज में शिविर लगाए जाएंगे जबकि शिया हुसैनी फंड की वेबसाइट www.aishf.org पर ऑनलाइन एंट्री जारी रहेगी।
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