बिहार में जदयू के नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाए जाने की हलचल के बीच मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बगावती तेवर अपना लिए हैं। मांझी ने जदयू और नीतीश के खिलाफ आरपार की जंग का ऐलान करते हुए कहा है कि वह किसी भी हद तक जा सकते हैं।
इस बीच मांझी ने नीतीश समर्थक दो मंत्रियों ललन सिंह और पीके शाही को बर्खास्त करने की राज्यपाल से सिफारिश की है। ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि बहुमत नहीं जुटा पाने पर मांझी विधानसभा भंग करने की अनुशंसा भी कर सकते हैं।
जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने राज्यपाल को पत्र लिखकर मांझी की अनुशंसा नहीं मानने की अपील की है। पटना में प्रदेश पार्टी कार्यालय के बाहर मांझी और नीतीश समर्थक आपस में ही भिड़ गए। झड़प में कई लोग घायल भी हुए हैं। नीतीश खेमा शुक्रवार दिनभर आंकड़ों के जुगाड़ में लगा रहा। जदयू ने 111 विधायकों और 41 विधान पार्षदों को नोटिस भेजा है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा के समर्थन से सरकार बचाए रखने के लिए मांझी को कम से कम 30 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। मांझी ने पार्टी अध्यक्ष शरद की शनिवार को बुलाई गई विधायकों की बैठक को अवैध करार दिया है और 20 फरवरी को विधायक दल की बैठक बुलाने का ऐलान किया।
शरद ने राज्यपाल से किया आग्रह न मानें सिफारिश
सहरसा में मांझी ने पत्रकारों से कहा कि अगर कोई यह सोचता है कि वह इस्तीफा दे देंगे तो यह उसकी भूल है। अब लड़ाई डंके की चोट पर होगी। मुख्यमंत्री ने शरद यादव और नीतीश कुमार पर भी जमकर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि सामंत लोग एक दलित के बेटे को मुख्यमंत्री पद पर नहीं देखना चाहते हैं। वे लोग गरीब के बेटे के काम से घबरा गए हैं, लेकिन वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। अब महाभारत छिड़ चुकी है, विधायक तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा।
इधर, पूरे दिन के घटनाक्रम पर विपक्ष ने पैनी नजर बनाए रखी। नेता प्रतिपक्ष नंद किशोर यादव ने कहा कि यह जदयू के अंदर का मामला है, लेकिन हम बदलते हालात पर नजर बनाए हुए हैं। विधान पार्षद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि मांझी को पद से हटाना संभव नहीं है। शरद बैठक बुला सकते हैं, लेकिन होगा वही जो मांझी चाहेंगे।
नीतीश भीष्म पितामह, त्यागी यमराज
पार्टी महासचिव केसी त्यागी के कार्रवाई करने की बात पर मांझी ने कहा कि वह पगला गए हैं, उन्हें समझ नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्यागी यमराज और नीतीश भीष्म पितामह हो गए हैं। इतने बड़े घटनाक्रम के बावजूद नीतीश कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। मांझी के बयान पर त्यागी ने कहा कि मांझी तनाव में ऐसे बयान दे रहे हैं। वह इसका बुरा नहीं मानते।