बिहार की राजनीति हर पल नई करवट बदलती जा रही है। हटाए जाने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बगावती सुर तेज हो गए हैं। उन्होंने शनिवार को शरद यादव की ओर से बुलाई गई विधानमंडल दल की बैठक को अवैध करार देते हुए शरद यादव को चुनौती दे दी है।
मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने अब आगामी 20 फरवरी को विधानमंडल दल की बैठक बुलाई है। इसी के साथ बिहार की सियासत के प्याले में तूफान आ गया है। वहीं मांझी ने सीएम पद से हटाए जाने की अटकलों से साफ इंनकार किया है।
मांझी के अनुसार विधायकों की बैठक बुलाने का अधिकार केवल मुख्यमंत्री को है, शरद यादव इस तरह की बैठक नहीं बुला सकते। माना जा रहा था कि शरद यादव द्वारा सात फरवरी को बुलाई गई बैठक में मांझी को हटाने का फैसला लिया जा सकता था। लेकिन इससे पहले ही मांझी ने 20 फरवरी को विधायक दल की बैठक बुला दी है। मांझी के इन बगावती तेवरों से शीर्ष नेतृत्व के सामने मुश्किल खड़ी हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि मांझी के इस कदम में उनके कुछ मंत्रियों ने भी उनको समर्थन दे दिया है। देर रात तक मुख्यमंत्री आवास पर अन्य मंत्रियों और विधायकों का जुटना भी शुरू हो गया था।