इंडियन फाइनेंसियल कोड के मसौदे की विरोध में 19 नवंबर को रिजर्व बैंक के कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश पर जाने को फैसला किया है।
आरबीआई कर्मचारियों का ये फैसला बिहार विधानसभा चुनावों में हार और मुल्क में बढ़ रही असहिष्णुता के मुद्दे पर बैकफुट पर खड़ी मोदी सरकार की परेशानियां और बढ़ा सकता है। मोदी सरकार ने फाइंनेशियल कोड का मसौदा जुलाई में जारी किया था, जिसमें कई ऐसे प्रावधान किए गए हैं जिससे रिजर्व बैंक के अधिकारों में कमी आ सकती है।
रिजर्व बैंक के कर्मचारियों का कहना है कि फाइनेंसियल कोड के नाम पर मोदी सरकार रिजर्व बैंक से कई अहम कामकाज छीनना चाहती है। एक विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि कार्य स्थगन का फैसला सरकार के उस कदम के विरोध में है, जिसमें ड्राफ्ट फाइनेंसियल कोड और विधायी सुधार के नाम पर वह रिजर्व बैंक के अधिकार छीनना चाहती है।