लोकसभा चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले 63 वर्षीय नरेंद्र मोदी सोमवार को देश के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में देश की बागडोर संभालेंगे। अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था और 4000 से अधिक मेहमानों की मौजूदगी में मोदी राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में शपथ ग्रहण करेंगे।
इस ऐतिहासिक पल के गवाह पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ समेत सार्क देशों के शासनाध्यक्ष भी बनेंगे। इस खूबसूरत पल के साक्षी मोदी मां हीरा बा, मोदी के वडोदरा और वाराणसी में चुनाव के दौरान प्रस्तावक रहे लोग भी होंगे।
शपथ ग्रहण समारोह के लिए राष्ट्रपति भवन की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस पल को यादगार बनाने के लिए समारोह स्थल ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्रपति भवन को दुल्हन की तरह सजाया गया है। साथ ही पूरे लुटियन जोन को अभेद्य सुरक्षा कवच में तब्दील कर दिया गया है।
सजाया संवारा गया राष्ट्रपति भवन
सोमवार को राष्ट्रपति भवन गणतंत्र दिवस की तरह ही तीन चक्रीय सुरक्षा घेरे में रहेगा। राष्ट्रपति भवन ने विदेशी और विशिष्ट अतिथियों की आवभगत के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
विदेशी अतिथियों के मद्देनजर स्थापत्य कला, राजनीतिक महत्व और खूबसूरती के लिए वैश्विक पहचान रखने वाले राष्ट्रपति भवन को अच्छी तरह से सजाया संवारा गया है। तपती गर्मी से मेहमानों को बचाने के लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है। समारोह स्थल पर कुर्सियां, सोफे बिछाए गए हैं और सैकड़ों की संख्या में एसी लगाए गए हैं।
समारोह में सार्क देशों के शासनाध्यक्षों के अलावा कई देशों के राजदूत भी शिरकत करेंगे। इसके अलावा समारोह में भाजपा नेताओं, निवर्तमान पीएम मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी, राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
सुबह राजघाट जाएंगे मोदी
मनोनीत पीएम नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण करने से पहले सोमवार सुबह राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोदी सुबह सात बजे राजघाट जाकर राष्ट्रपिता की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
हीरा बा समारोह में आ सकती हैं
भाजपा सूत्रों का कहना है कि मोदी की मां हीरा बा ने समारोह में शिरकत करने की इच्छा जाहिर की है। माना जा रहा है कि वह भी इस ऐतिहासिक पल का गवाह बन सकती हैं।
चंद्रशेखर, वाजपेयी के बाद मोदी
आमतौर पर प्रधानमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में होता आया है। इसकी क्षमता 500 मेहमानों के आवभगत की है। मगर मोदी ने अपने पूर्ववर्ती प्रधानमंत्रियों चंद्रशेखर और अटल बिहारी वाजपेयी की तरह समारोह के लिए भवन के प्रांगण का चुनाव किया।
अब तक का सबसे बड़ा शो
15वें प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभालने जा रहे मोदी का शपथ ग्रहण समारोह अब तक का सबसे बड़ा शो होगा। सार्क देशों के शासनाध्यक्षों समेत समारोह में 4000 से अधिक मेहमान शामिल होंगे। इतनी बड़ी संख्या में राष्ट्रपति भवन में मेहमानों की उपस्थिति पहली बार होगी। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित ‘एट होम’ में 1500 से 2000 मेहमान शामिल होते रहे हैं। 1990 में पूर्व पीएम चंद्रशेखर और 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी के शपथ ग्रहण में 1200 से 1300 मेहमान शामिल हुए थे।
दिखेगा संघ परिवार का प्रतिनिधित्व
समारोह में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का प्रतिनिधित्व भी साफ दिखेगा। हालांकि संघ प्रमुख मोहन भागवत समारोह में नहीं आएंगे लेकिन संघ के सभी वरिष्ठ नेता समारोह में मौजूद होंगे, बल्कि संघ के अन्य घटकों के प्रतिनिधि भी इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनेंगे।
जयललिता समारोह से रह सकती हैं दूर
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता शपथ ग्रहण समारोह से दूरी बना सकती हैं। जयललिता श्रीलंका के राष्ट्रपति राजपक्षे को बुलाने से नाराज हैं।
ढोकला-खांडवी से होगा मेहमानों का स्वागत
शपथ ग्रहण के बाद मेहमान गुजराती पकवानों का लुफ्त ले सकेंगे। समारोह के नाश्ते के मेन्यू में खासतौर पर गुजराती ढोकला, खांडवी का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा मेहमानों को इमरती, रसगुल्ला, राजभोग, काला जामुन, संदेश, पेटीज, पेस्ट्री, कचौड़ी, मटर की खास्ता पोटली, सैंडविच, वेज हरियाली कबाब, कटलेट और चाय-कॉफी के साथ कोल्ड ड्रिंक्स का भी स्वाद चखने का मौका मिलेगा।
बारिश डाल सकती है खलल
मौसम विभाग ने सोमवार को बूंदाबांदी की संभावना जताई है। हालांकि राष्ट्रपति के प्रेस सचिव ने शपथ ग्रहण के दौरान बारिश नहीं होने की उम्मीद प्रकट करते हुए कहा कि यदि ऐसा होता है तो मेहमानों को दरबार हॉल में शिफ्ट किया जा सकता है। दरबार हॉल में 500 लोगों के बैठने और 400 लोगों के खड़े रहने की क्षमता है। चलने में अक्षम लोगों के लिए 12 बोगियों की व्यवस्था की गई है।
बैग, मोबाइल फोन पर प्रतिबंध
सुरक्षा कारणों के चलते समारोह स्थल पर फोन और बैग ले जाए जाने पर प्रतिबंध रहेगा।
ज्यादातर सार्क प्रतिनिधि आज पहुंचेंगे
मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए ज्यादातर सार्क मेहमान सोमवार को पहुंचेंगे। हालांकि भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और बांग्लादेश की संसद की स्पीकर शिरीन शारमिन चौधरी दिल्ली पहुंचे चुके हैं। जबकि मॉरीशस के पीएम नवीन राम गुलाम सोमवार सुबह 9:25 बजे, श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे 10 बजे पहुंचेंगे। वहीं पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ 10:45 बजे, नेपाली पीएम सुशील कोइराला 11:00 बजे, अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई 11:30 बजे और मालदीव के राष्ट्रपति यामीन अब्दुल गयूम दोपहर 2:00 बजे पहुंचेंगे।