जाट आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी और केंद्र के फैसले का विरोध करने वाले कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने इस बात से इनकार किया है कि हाशिये पर चले जाने के कारण वह जाट आरक्षण का विरोध कर रहे हैं और वह किसी दूसरी पार्टी में जाना चाहते है।
उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार की ऐसी नीति के खिलाफ है जो एक वर्ग को खुश करती है, मगर दूसरे वर्ग को नाराज। अल्वी ने कहा कि केंद्र सरकार के फैसले से मुस्लिम ही नहीं बल्कि पिछड़े वर्ग के लोग भी नाराज हैं।
सरकार को फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। अल्वी ने कहा कि सरकार को जाट ही नहीं बल्कि मुस्लिम वर्ग का भी ध्यान रखना चाहिए था। वह उनकी हालत ठीक करे। मगर ऐसे फैसले से पूरे समुदाय में गलत संदेश जाएगा।
केंद्र को मुस्लिम वर्ग को आरक्षण के अंदर आरक्षण देने के वायदे पर विचार करनी चाहिए थी। अल्वी ने कहा कि वह जाट आरक्षण के खिलाफ नहीं है। मगर मुजफ्फरनगर दंगों को कैसे भूलाया जा सकता है।
कांग्रेस छोड़ने के सवाल पर अल्वी ने कहा कि कांग्रेस मेरी पार्टी है। मेरे किसी बयान का मतलब ये न निकाले कि वह किसी तरह का विद्रोह कर रहे हैं। चर्चा है कि अल्वी ने मुरादाबाद से लोकसभा का टिकट मांगा है।