केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने सोमवार को कहा कि बलात्कारियों को मृत्युपर्यंत जेल में रखना चाहिए। वे पंजाब के भटिंडा में एक नर्स के अपहरण व उसके साथ गैगरेप होने से क्षुब्ध थीं। इसके अलावा किशोर आयु को घटाने पर असहमति जताते हुए उन्होंने कहा कि नृशंस अपराध करने पर किशोरों को भी फांसी देनी चाहिए। वे यहां एक कांफ्रेंस में हिस्सा लेने के बाद पत्रकारों से बात कर रहीं थीं।
उन्होंने कहा कि इस ओर ध्यान देने की जरूरत है कि देश में कड़े कानूनों का प्रावधान होने के बावजूद महिलाओं के खिलाफ अपराध क्यों बढ़े हैं। बलात्कारियों को पूरे जीवन जेल के अंदर रखना चाहिए। ऐसा न हो कि उन्हें पेरोल पर या 14 साल की सजा काटने के बाद छोड़ दिया जाय। मैंने इस संबंध में गृहमंत्री से बात की है। हम ऐसा कानून लागू करने जा रहे हैं। भटिंडा में हुई घटना को शर्मनाक बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे निपटने के लिए देश में कानून मौजूद हैं। जिस तरह समाज के विभिन्न वर्गों से ऐसे अपराधों को रोकने के लिए आवाजें उठ रहीं हैं, उसी तरह सामुदायिक हिस्सेदारी पर भी चर्चा होनी चाहिए।
तीरथ ने कहा कि वे किशोरावस्था को 18 के बजाय 16 वर्ष मानने के पक्ष में नहीं हैं पर दिल्ली गैंग रेप जैसे दुर्लभतम अपराधों में कड़ी से कड़ी सजा देने के पक्ष में हैं। दिल्ली गैंग रेप में शामिल किशोर अन्य आरोपियों से ज्यादा हिंसक था। लोग उसे फांसी देने की मांग कर रहे हैं, मैं इसका समर्थन करती हूं। इस देश के सारे बच्चे हमारे बच्चे हैं। किसी 15-16 साल के बच्चे के साथ वयस्कों जैसा बर्ताव नहीं होना चाहिए। पिछले सप्ताह दिल्ली के पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने सुझाव दिया था कि बढ़ते अपराधों के मद्देनजर किशोरावस्था को 18 के बजाय 16 कर देना चाहिए।