मुंबई गैंगरेप मामले के आरोपी पिछले छह महीने में चार और महिलाओं के साथ भी गैंगरेप की घटना को अंजाम दे चुके हैं। इसके लिए भी उन्होंने शक्ति मिल कॉम्प्लेक्स का ही इस्तेमाल किया था।
एक अभियुक्त ने पुलिस के सामने ये बात स्वीकार की। उसने यह भी बताया कि वे लड़कियों को शिकायत न करने की धमकी भी देते थे।
पहले जिन लड़कियों के साथ दुष्कर्म हुआ उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। इससे उनकी हिम्मत बढ़ गई और उन्होंने लगातार गैंगरेप को अंजाम दिया। इस बार 23 साल की फोटो पत्रकार के साथ यह घटना हुई।
अश्लील फोटो दिखाकर दी धमकी
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे लड़कियों को उनकी अश्लील तस्वीरें दिखाकर पुलिस के पास न जाने की धमकी देते थे और लड़कियां डर के मारे कोई शिकायत नहीं करती थीं।
पुलिस ने पहले की सभी पीड़िताओं को सामने आने का आग्रह किया है लेकिन अभी तक कोई सामने नहीं आया है।
यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फोटो पत्रकार और उनके सहयोगी के मोबाइल फोन व महंगे कैमरे क्यों नहीं चुराए। आरोपियों में से ही हिस्ट्री शीटर रहे कासिम शेख और चांद शेख ने गैंग के अन्य सदस्यों को पकड़ जाने की आशंका के चलते किसी भी इलेक्ट्रॉनिक सामान को चुराने के लिए मना किया था।
मिल में सेक्स वर्कर को भी लाए
पूछताछ के दौरान पता चला है कि आरोपियों ने मिल में लड़की के साथ दुष्कर्म की बात स्वीकारी है। उन्होंने बताया कि कुछ हफ्ते पहले उन्होंने एक कूड़े उठाने वाली लड़की के साथ गैंगरेप किया था और कुछ महीने पहले वे एक सेक्स वर्कर को मिल में लाए थे। उनका चौथा हमला किस पर था यह स्पष्ट नहीं है।
क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के एक दोस्त की पहचान की है जो इस मामले में गवाह बन सकता है। इस गवाह के सामने एक आरोपी कासिम को एक फोन आया था और इसके बाद ही वह उठकर गया था।
फोटो पत्रकार को मिली अस्पताल से छुट्टी
इधर मुंबई में गैंगरेप की शिकार फोटो पत्रकार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। एक सप्ताह पहले परेल के शक्ति मिल कंपाउंड में हादसे की शिकार इस पत्रकार को इलाज के लिए जसलोक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जसलोक अस्पताल से जारी बयान में कहा गया है कि इलाज के दौरान मरीज (फोटो पत्रकार) के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हुआ।
इलाज में लगे अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने उसे अब पूरी तरह स्वस्थ करार दिया है। मंगलवार की रात को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।