दिल्ली रेप कांड को लेकर जहां पूरे दिल्ली में प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं दुष्कर्म जैसे गंभीर मुद्दे पर हमारे गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे कितने गंभीर हैं इसकी बानगी उनके बयान में देखने को मिली।
लोकसभा में सोमवार को दिए बयान में उन्होंने कहा कि बलात्कार पूरे देश में होते हैं, यह केवल दिल्ली का मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि सिस्टम की कमी का उन्हें अंदाजा है।
हालांकि केंद्रीय गृह मंत्री कहा कि `गुड़िया` से जुड़े मामले में पुलिस लापरवाही की जांच हो रही है। ज्वाइंट सीपी विजिलेंस जांच कर रहे हैं और उसके पिता को रिश्वत देने के आरोप की भी जांच हो रही है।
पहले भी शिंदे के बयानों पर हो चुका है बखेड़ा
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे गृह मंत्रालय में अपने छोटे कार्यकाल में कई बार बखेड़ा कर चुके हैं।
ताजा विवाद पिछले महीने महाराष्ट्र के भंडारा जिले में तीन लड़कियों की गैंगरेप के बाद हत्या से जुड़ा हैं। शिंदे ने संसद में तीनों नाबालिग रेप की शिकार लड़कियों का नाम पढ़ दिया। इसे लेकर विपक्ष आगबबूला हो गया था।
हैदराबाद ब्लास्ट पर राज्यसभा में दिए बयान में गृहमंत्री शिंदे ने कहा था कि ‘मैं रातभर सोया नहीं। सुबह चार बजे उठकर हैदराबाद गया। लोगों से मिला और अब संसद में आपको जवाब दे रहा है। मैं रातभर ब्लास्ट से जुड़ी खबरें देखता रहा। टीवी देखता रहा। आपको इसकी सराहना करनी चाहिए।’
जयपुर में हुए चिंतन शिविर के दौरान अपने भाषण में शिंदे ने समझौता एक्सप्रेस में विस्फोट, हैदराबाद की मक्का मस्जिद और महाराष्ट्र के मालेगांव की घटना का जिक्र किया और कहा कि भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहना चाहिए कि बम अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने रखे थे।
हिंदू शरणार्थियों को लेकर भी गृहमंत्री शिंदे ने काफी बेतुका बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ‘‘भारत में शरण के इच्छुक पाकिस्तानी हिन्दुओं को भारत सरकार को पाकिस्तान में उन पर हो रहे अत्याचारों के सबूत देने होंगे।’’
अफजल की फांसी के बाद जब उनसे पूछा गया कि अफजल की फांसी की सूचना वाली स्पीड पोस्ट अब तक परिजनों तक क्यों नहीं पहुंची तो उनका कहना था कि सारे काम गृहमंत्री ही नहीं करता। मैंने सिर्फ इस सूचना पर साइन किए थे। स्पीड पोस्ट जेल प्रशासन भेजता है।