आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बलात्कार पीड़िता को नए वित्तीय वर्ष से सरकार आर्थिक सहायता देगी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर काम करना शुरू कर दिया है। नई योजना से संबंधित ब्योरा एकत्र करने और इसे लागू करने की प्रक्रिया मार्च के अंत तक पूरी कर ली जाएगी। यह योजना अप्रैल से लागू की जा सकती है।
हालांकि मंत्रालय ने सभी बलात्कार पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव किया था लेकिन योजना आयोग ने इसे खारिज करते हुए बीपीएल श्रेणी के पीड़ित तक के लिए सीमित कर दिया। आयोग का मानना है कि कई लोग इसे लेने से कतरा सकते हैं। जबकि संभ्रांत वर्ग के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत नहीं है। यह सहायता उनके लिए होनी चाहिए जो कि आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
मंत्रालय के उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि मौजूदा समय में अनुसूचित जाति और जनजाति पर होने वाले अत्याचार की रोकथाम के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का एक प्रावधान है।