3 अक्टूबर को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 12 साल की बच्ची से बलात्कार हुआ। बलात्कार के बाद आरोपियों ने बच्ची को बेहोशी की हालत में सड़क पर छोड़ दिया और फरार हो गए। जैसे-तैसे पुलिस और परिवार के लोगों ने उस बच्ची को खोज कर अस्पताल पहुंचाया।
घटना के इतने वक्त बाद वह बच्ची आज भी अपनी जिंदगी से लड़ रही है। इस वक्त इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज से जूझ रही बच्ची के लिए डॉक्टर कह चुके हैं कि वह शायद ही कभी सामान्य जीवन जी सके।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची के साथ जिस तरह की दरिंदगी की गई है उसके बाद अगर वह सामान्य जीवन जी पाए तो यह बहुत मुश्किल है। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि बच्ची की हालत में सुधार हो सके।
जुल्म की इंतहां
यह घटना सागर के कैंट थाना क्षेत्र में घटी। 3 अक्टूबर को कुछ लोगों ने इस बच्ची से सामुहिक दुष्कर्म किया। फिर सिर में हथोड़ीनुमा हथियार से वार किया। इस वार से बच्ची के सिर में गड्ढ़ा हो गया।
इस वार से बच्ची के बेहोश हो गई। यह देखने के लिए कि वह मरी कि नहीं, आरोपियों ने उसके हाथ जला दिए। उसे सिगरेट से जगह जगह जला दिया। जब लगा कि वह मर गई है तो उसे छोड़ कर भाग गए। लेकिन बच्ची बच गई।
परिवार वालों ने उसे सड़क के किनारे से उठाया और इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल भर्ती कराया। वहां इलाज में कोई सुधार ना होने के कारण उसे इंदौर रेफर किया गया जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है।
कैसे घटी घटना
3 अक्टूबर को दशहरे के दिन पीड़िता अपनी चचेरी बहन के साथ मंदिर जा रही थी। मंदिर जाते वक्त ही कुछ बाइक सवार उसे उठा कर ले गए और नजदीक के ही एक पार्क में ले जाकर उसके साथ सामुहिक दुष्कर्म किया।
इस बीच पीड़िता की छोड़ी बहन किसी तरह परिवार के पास पहुंची और उन्हें घटना की जानकारी दी। जानकारी मिलने पर परिवार ने पुलिस में शिकायत की और बच्ची की खोज में निकले।
खोज करते हुए पुलिस और परिवार के लोगों को बच्ची बेहोशी की हालत में शहर के उद्यान पार्क के पास मिली।
पुलिस के मुताबिक अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है लेकिन जानकारियों के अनुसार आरोपियों के स्केच बनवा दिए गए हैं और तलाश जारी है। उधर डॉक्टर अपनी पूरी कोशिश में लगे हैं कि वह बच्ची वापस सामान्य जीवन जी सके।