झारखंड के गुमला जिले में पांच लोगों ने कथित तौर पर एक नाबालिग से गैंगरेप किया और हत्या के बाद उसकी लाश नदी में फेंक दी। पुलिस के मुताबिक पांचो आरोपियों ने मृतका के पिता से बदला लेने की भावना से ऐसा कृत्य किया।
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी ने अपराध स्वीकारा और कहा कि ऐसा मृतका के पिता से बदला लेने के लिए ही किया गया। मृतका के पिता ने गैंगरेप के मुख्य आरोपी के एक दोस्त को अपराध के मामले में गिरफ्तार करवाया था।
यह घटना रांची से 180 किमोमीटर दूर गुमला जिले के सादर पुलिस स्टेशन के पास घटी।
मृतका 7वीं की छात्रा
पुलिस के मुताबिक पांचो आरोपियों ने 12 वर्षीय नाबालिग का अपहरण किया था।
नाबालिग लड़की 7वीं में पढ़ रही छात्रा थी। शनिवार सुबह जिस वक्त आरोपियों ने उसका अपहरण किया वह अपने पालतू जानवरों को चराने के लिए घर से बाहर निकली हुई थी।
पुलिस के मुताबिक लड़की की लाश नदी में फेंकने से पहले उसके साथ गैंगरेप किया गया।
इस गैंगरेप में मुख्य आरोपी राजू गोप मृतका के पड़ोस में रहने वाला व्यक्ति बताया जा रहा है।
इससे पहले राजू ने इस बात का आरोप लगाया था कि मृतका के पिता ने उसके एक दोस्त को गिरफ्तार करवाया था।
परिवार को भेजी चिठ्ठी
राजू ने इस गैंगरेप के बाद मृतका के घर में एक चिठ्ठी फेंकी थी। इस चिठ्ठी में इस गैंगरेप की जिम्मेदारी ली गई थी।
इस कागज में साफ-साफ लिखा हुआ था कि मृतका का गैंगरेप मैंने किया है। और इसके पिता से बदला ले लिया है मैंने अब।
इस बीच शनिवार के बाद घर न पहुंचने पर गांव वालों ने मृतका की खोज शुरू की। दो दिन बाद गांव वालों को कुछ किलोमीटर दूर मारदा नदी में मृतका की लाश मिली।
इसके बाद गांव का माहौल संवेदनशील हो गया। गांव के लोगों ने गुमला-सिमडेगा सड़का पर चक्काजाम कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
मुख्य आरोपी की हत्या
बीबीसी में छपी खबर के मुताबिक मुख्य आरोपी की हत्या कर दी गई है। और गुमला पुलिस ने शव भी बरामद कर लिया है।
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता अनुराग गुप्ता ने इस घटना की पुष्टि की है।
पुलिस का दावा है कि जनक्रांति पार्टी के सुप्रीमो मंगल नागेशिया ने इस घटना को अंजाम दिया है.
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक चरकाटांगर गांव की एक बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में सोमवार को स्थानीय गुमला थाना में एफआईआर लिखी गई थी।
इनमें अपहरण, दुष्कर्म, हत्या के साथ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेज़ 2012 पोस्को की धाराएं लगाई गई थीं।