बलात्कार और हत्या के आरोप में सजा-ए-मौत का इंतजार कर रहे एक दोषी ने जेल में कुछ ऐसा कर डाला कि सारा प्रशासन हक्का-बक्का रह गया।
उसने कथित तौर पर खुदकुशी की कोशिश की और यह सब उस वक्त हुआ, जब अधिकारी उसे फांसी पर चढ़ाने की तैयारी कर रहे थे।
कर्नाटक में बेलगांव के हिंडाल्गा जेल के अधिकारियों ने बताया शिवू मुनिशेत्ती ने एक ब्लेड से अपने गुप्तांग और हाथ काट लिया।
जेल में ही उसका इलाज किया जा रहा है और उसे जल्द ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है।
जेल अधिकारियों के मुताबिक शिवू और एक अन्य कैदी को 22 अगस्त को सजा-ए-मौत देने की तैयारी चल रही थी। उन दोनों की दया याचिका राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 13 अगस्त को खारिज कर दी थी।
शिवू और जादेस्वामी की ओर से इस सिलसिले में एक रिट याचिका भी दाखिल की गई। शिवू की ओर से कथित तौर पर लिखे पत्र में कहा गया है कि वह एक सम्मानीय परिवार से आता है और बेगुनाह है।
शिवू और जादेस्वामी को 18 साल की लड़की से बलात्कार और हत्या के आरोप में 2005 में फांसी की सजा सुनाई गई थी।