पी वी नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री रहते सोनिया गांधी से उनके रिश्ते तल्ख हो गए थे। केंद्रीय खाद्य मंत्री के वी थॉमस की लिखी किताब में कहा गया है कि राव के शासन के दौरान राजीव हत्याकांड की सुस्त जांच से सोनिया खफा थीं। राव और सोनिया के बीच की कड़वाहट की यह एक अहम वजह थी।
थॉमस की किताब ‘सोनिया-द बिलव्ड ऑफ मास’ में कहा गया है कि अगस्त, 1995 में सोनिया गांधी ने राजीव गांधी हत्याकांड की धीमी जांच पर सार्वजनिक तौर पर नाखुशी जाहिर की थी। दो साल बाद उनके सक्रिय राजनीति में उतरने का यह संकेत था।
सोनिया और राव के बीच के असहज रिश्तों की पुष्टि पूर्व मंत्री नटवर सिंह ने भी की है। उन्होंने अपने एक लेख में उस घटना का जिक्र किया है, जब राव ने मई 1995 की एक रात उन्हें बुला कर कहा था कि सोनिया ने उन्हें किस कदर अपमानित किया है।