देश में शौचालय से अधिक मंदिर होने संबंधी बयान देकर विवादों में फंसने वाले केंद्रीय ग्रामीण मंत्री जयराम रमेश ने रविवार को लोगों से अनुरोध किया कि वे अपनी बेटियों की शादी वैसे घर में न करें जहां शौचालय न हो।
राजस्थान के कोटा के निकट खजूरी गांव में स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए रमेश ने शौचालय नहीं तो दुल्हन नहीं का नारा दिया और कहा कि अपनी बेटियों की शादी उस घर में न करें जहां शौचालय न हो। सभा में काफी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं।
रमेश ने लोगों से कहा कि आप अपनी बेटियों की शादी से पहले ग्रहों की स्थिति का पता लगाने के लिए ज्योतिषियों से संपर्क करते हैं। अब आपको चाहिए कि आप शादी से पहले इस बात का भी पता लगाए कि दूल्हे के घर में शौचालय है या नहीं। बाद में रमेश ने कोटा के छोटे से कसबे संगोद से ‘निर्मल भारत यात्रा’ के तीसरे चरण का शुभारंभ किया।
इस मौके पर भी केंद्रीय मंत्री रमेश ने शौचालय नहीं तो दुल्हन नहीं का नारा दोहराया। गौरतलब है कि शौचालय को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार ने यह नारा दिया है। इस मौके पर रमेश ने अनीता नारे की कहानी भी सुनाई। मध्य प्रदेश की अनीता ने घर में शौचालय नहीं होने की वजह से शादी के दो दिन बाद ही अपनी पति का घर छोड़ दिया था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि निर्मल भारत अभियान जनता का आंदोलन है, जिसका उद्देश्य 10 साल में खुले में शौच की परंपरा का पूरी तरह से खत्म करना है। उन्होंने कहा कि शौचालय का मुद्दा महिलाओं की प्रतिष्ठा और सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।