चुनाव महकमे की तनी भृकुटि के बावजूद बाबा रामदेव नमो-नमो का अलख जगाते रहेंगे। दिल्ली में डटे बाबा अब लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अगली रणनीति बनाने में जुटे हैं।
सूत्रों के अनुसार बाबा रामदेव भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए एक और आंदोलन की तैयारी में हैं। बाबा के संगठन स्वाभिमान भारत की दिल्ली में शनिवार से दो दिनी बैठक जारी है।
इस बीच, बाबा के समर्थन में उतरी भाजपा चुनाव आयोग को चुनौती देने जा रही । उसका कहना है कि आयोग छत्तीसगढ़ के निर्वाचन अधिकारी से कहे कि अन्य दलों के समर्थन में अपील जारी करने वाले धार्मिक लोगों का खर्च भी उन दलों के खाते में जोड़ कर दिखाएं।
हाल में छत्तीसगढ़ के दौरे पर गए बाबा ने जब अपनी सभाओं में नरेंद्र मोदी का समर्थन दोहराया था तो प्रदेश के निर्वाचन अधिकारी ने ऐलान कर दिया था कि उनकी सभाओं का खर्च पार्टी के चुनाव खर्च में शामिल किया जाएगा।
पातंजलि योगपीठ के प्रवक्ता एसके तिजारेवाला के अनुसार चुनाव आयोग को तो बाबा की सराहना करनी चाहिए क्योंकि वह मतदाताओं को मतदान के लिए जागरुक कर रहे हैं।
भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रभारी महासचिव जेपी नड्डा ने कहा कि बाबा रामदेव राष्ट्रवादी ताकतों को मजबूत करने में जुटे हैं, लेकिन कांग्रेस को यह पसंद नहीं है, इसलिए उन्हें परेशान करने का बहाना तलाशती रहती है।
भाजपा इस मुद्दे पर बाबा रामदेव के समर्थन में मैदान में कूद गई है। पार्टी चुनाव आयोग से पूछेगी कि अन्य दलों के समर्थन में अपील खासतौर पर फतवा जारी करने वालों के खिलाफ क्या कदम उठाया जाएगा।