मानव संसाधन मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में शामिल किए गए राम शंकर कठेरिया विवादों में फंसते नजर आ रहे हैं। उन पर आरोप लगाए गए हैं कि उनकी ग्रेजुएशन की मार्कशीट नकली है। हालांकि उन्होंने इन आरोपों का खंडन किया है।
नकली मार्कशीट को लेकर उनके विपक्षी बसपा उम्मीदवार ने 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में उनके खिलाफ केस दायर किया था। कोर्ट ने हालांकि इस मामले को आगरा के सेशन कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया, जहां 26 नवंबर को इसकी सुनवाई होगी।
कठेरिया ने आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा,"बसपा सरकार द्वारा रोजाना मेरे खिलाफ चार केस दायर किए जाते थे। उन्हें किसी तरह का कोई सबूत नहीं मिला। यहां तक कि जब बसपा की सरकार थी, तब भी वह सभी आरोपों से मुक्त हो गए थे।"
उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा कि उनके खिलाफ मामला राजनीति से प्रेरित है और उम्मीद जताई कि जल्द ही वह निर्दोष साबित होंगे। शिकायत के मुताबिक उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी के नंबरों में गड़बड़ी की थी।
रविवार को उनके शपथ लेने के बाद एक एनजीओ ने एक रिपोर्ट सार्वजनिक की थी, जिसमें कहा गया था कि आगरा से भाजपा सांसद कठेरिया के खिलाफ हत्या के प्रयास और दो समुदाय में हिंसा भड़काने का मामला दर्ज किया गया है।
उनके खिलाफ 27 मामले दर्ज होने की बात कही गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी कठेरिया के खिलाफ सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यूपी में प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ अखिलेश यादव सरकार ने आपराधिक मामला दर्ज करवा रखा है।