प्रशांत भूषण के बाद अब वरिष्ठ वकील व राज्यसभा सांसद राम जेठमलानी ने भी केवी चौधरी को केंद्रीय सतर्कता आयुक्त बनाए जाने पर आपत्ति जताई है। जेठमलानी के मुताबिक, गत 26 मई को उन्होंने प्रधानमंत्री को इस संबंध में चिट्ठी लिखी थी। बाद में उन्होंने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखा। मालूम हो कि सीवीसी की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई में जेठमलानी याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी भी कर रहे हैं।जेठमलानी ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी शेयर की है।
जेठमलानी के मुताबिक, चयन समिति की अंतिम बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली भी मौजूद थे। बैठक में जेटली को नए सीवीसी केनाम का प्रस्ताव रखने को कहा गया। उन्होंने केवी प्रसाद के नाम का प्रस्ताव रखा। जेठमलानी के मुताबिक, केवी प्रसाद का रिकार्ड साफ नहीं है। वह काले धन को लेकर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के भी सदस्य हैं, ऐसे में बातें गुप्त नहीं रहेंगी।
वहीं दो जून को राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी में जेठमलानी ने कहा है कि केवी चौधरी को सीवीसी नियुक्त करना बहुत बड़ी गलती होगी। इससे देश को नुकसान होगा। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि केवी चौधरी जिन मामलों में शामिल रहे हैं, वो तमाम रिकार्ड तलब किए जाएं।