भाजपा से निलंबित सांसद राम जेठमलानी ने तीखे तेवर दिखा कर एक बार फिर पार्टी की किरकिरी करा दी है।
अपने निलंबन से नाराज जेठमलानी ने पार्टी संसदीय दल की बैठक में लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली पर जम कर प्रहार किए। इस दौरान बैठक की अध्यक्षता कर रहे लालकृष्ण आडवाणी ने उन्हें रोकने की कोशिश तक नहीं की।
भाजपा नेतृत्व से लेकर सांसद तक जेठमलानी के इस व्यवहार से खासे नाराज हैं। बैठक में लगातार 10 मिनट तक पार्टी के खिलाफ आग उगलने के बाद जेठमलानी बाहर चले गए।
गुस्से से भरे जेठमलानी ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन भी कर दिया। उन्होंने केंद्रीय उपक्रमों से संबंधित संसदीय समिति के चुनाव में वोट नहीं डाला। भाजपा नेतृत्व अब इसी बहाने उनकी सदस्यता खत्म कराने के लिए संसदीय विशेषाधिकार हनन समिति से शिकायत करने जा रही है
भाजपा ने केंद्रीय उपक्रमों से संबंधित संसदीय समिति के चुनाव में मतदान के लिए व्हिप जारी किया था। व्हिप निलंबित सदस्य को भी जारी किया जाता है। इसलिए जेठमलानी मंगलवार को संसदीय दल की बैठक में भी पहुंच गए, जबकि उन्हें इसके लिए बुलाया नहीं गया था।
जेठमलानी बैठक में जोर-जोर से चिल्लाने लगे कि जब वे निलंबित हैं तो उन्हें व्हिप क्यों जारी किया गया। उन्होंने कहा कि या तो उनका निलंबन खत्म करो या पार्टी से निकाल दो।
उन्हें पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ आरोप लगाने पर पिछले साल नवंबर में निलंबित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा भ्रष्टाचार को लेकर यूपीए सरकार के खिलाफ नरम रुख अपना रही है।
सूत्रों के अनुसार जेठमलानी के निशाने पर सुषमा और जेटली रहे। उन्होंने यहां तक आरोप लगाया दिया कि दोनों सदनों के इन नेताओं की कांग्रेस के साथ सांठगांठ है। उन्हें कई आपत्तिजनक शब्द की कह डाले। किसी भी सांसद को उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं हुई।
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि पार्टी ने मामले को गंभीरता से लिया है। दरअसल, जेठमलानी को भाजपा निकालने की बजाए उनकी राज्यसभा सदस्यता खत्म कराने जा रही है। पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर पहले भी दो सांसदों की सदस्यता खत्म हो चुकी है।