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मोदी-पासवान की दोस्ती से क्यों पड़ी फूट?

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लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) से गठबंधन के बाद बिहार में आयोजित पहली रैली में भाजपा की फूट सामने आ गई। भाजपा का रामविलास पासवान से हाथ मिलाना बिहार के स्थानीय दिग्गज नेताओं को रास नहीं आया।
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राजग में लोजपा को शामिल करते समय उनकी अनदेखी की गई।

इससे नाराज नेताओं वे दिग्गज भी शामिल हैं जो कि मोदी के कट्टर समर्थक माने जाते हैं। इसी का नतीजा रहा कि सोमवार को मुजफ्फपुर में आयोजित ‘हुंकार रैली’ से इन नेताओं ने दूरी बना ली।

रैली में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और पासवान, दोनों ने नीतीश कुमार पर हमला बोला।

मोदी समर्थक नेता ही मंच से रहे नदारद

रैली के मंच पर मोदी की मौजूदगी के बावजूद उनके समर्थक माने जाने वाले गिरिराज सिंह, अश्विनी चौबे, पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीपी ठाकुर और चंद्रमोहन राय नहीं पहुंचे।

इन नेताओं ने लोजपा-भाजपा गठबंधन का विरोध किया था। अश्विनी ने तो पासवान को अवसरवादी करार देते हुए दोस्ती को भाजपा के लिए आत्मघाती कदम बताया था।

केंद्रीय नेतृत्व द्वारा इस अनदेखी से उजपी नाराजगी रैली में साफ दिखाई दी।
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नीतीश के खिलाफ मोदी-पासवान की जोड़ी

इस दौरान रामविलास पासवान और उनके बेटे चिराग पासवान के साथ मंच साझा करते हुए मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला।

उन्होंने कहा कि बिहार आतंकवादियों के लिए सुरक्षित स्वर्ग बन गया है क्योंकि वे मुस्लिम वोटों को लुभाने के कारण कड़े कदम उठाने में विफल रहे हैं।

उन्होंने कहा, देश की राजनीति दो खेमों में बंट गई है। एक का नेतृत्व हम कर रहे हैं जिसमें देश की समस्याओं का समाधान निकाला जा रहा है जबकि दूसरा मोदी को रोकने का तरीका तलाश रहा है।
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