अब इसे दिल्ली और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव की तैयारी कहें या फिर सरकार पर संघ का असर। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दंगा पीड़ित सिखों को नए सिरे से मुआवजा देने की मांग महज 48 घंटे में ही मान ली। दरअसल संघ के अनुषांगिक संगठन राष्ट्रीय सिख संगत के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीते मंगलवार को ही गृहमंत्री के साथ उनके निवास पर लंबी बैठक की थी।
इस बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने नए सिरे से मुआवजा देने के साथ-साथ 237 बंद पड़े मामले की नए सिरे से जांच की मांग की गई थी। बैठक में राजनाथ ने प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे संगत के महामंत्री डॉ अवतार सिंह शास्त्री को 1-2 दिन में घोषणा करने का आश्वासन दिया था।
चूंकि गृह मंत्री ने दंगा पीड़ितों के लिए नए सिरे से अतिरिक्त मुआवजे की घोषणा ऐसे समय में की है जब जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम घोषित किए जा चुके हैं और दिल्ली में भी चुनाव के आसार बढ़ गए हैं, इसलिए दंगा पीड़ितों को राहत दिए जाने की घोषणा को चुनाव से भी जोड़ कर देखा जा रहा है।
संगत के महामंत्री शास्त्री ने बताया कि नए सिरे से मुआवजा देने की मांग गृह मंत्री ने उसी समय मान ली थी। जहां तक लंबित मुकदमों को नए सिरे से शुरू किए जाने की बात है तो गृह मंत्री ने इस बारे में झारखंड और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के बाद घोषणा करने का आश्वासन दिया था। शास्त्री ने उम्मीद जताई कि दोषियों को सजा दिलाने संबंधी वादा राजनाथ चुनाव संपन्न होने के बाद जरूर करेंगे।