पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में दोषी ठहराए गए तीन लोगों की फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से मुहर लगा दी। शीर्ष अदालत ने अपने पूर्व फैसले में फेरबदल से इनकार किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा दाखिल क्यूरेटिव याचिका को खारिज कर दिया। सरकार ने गत फरवरी में दिए शीर्ष अदालत द्वारा दिए फैसले को बदलने की गुहार की थी। सरकार का कहना था कि पूर्व प्रधानमंत्री के हत्यारे को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
सरकार ने क्यूरेटिव याचिका में कहा था कि दोषियों की फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने से पहले पीड़ितों का पक्ष नहीं सुना गया।
गत वर्ष फरवरी महीने में दया याचिकाओं के निपटारे में 11 वर्ष की देरी होने के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने तीन दोषियों संथन, मुरुगन और पेरारीवालन की फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया था।